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कोरबा: जनरल परेड में अनुपस्थित 127 सैनिकों को नोटिस, जिला सेनानी के तुगलकी फरमान से हड़कंप, कार्यालय तलब

Fri, 28 Nov 2025 01:42 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में जिला सेनानी के तुगलकी फरमान से नगर सैनिकों में हड़कंप मच गया है। ब्रिटिश काल से निर्धारित नियम कायदों का औचित्य वर्तमान के साथ जांच का पॉइंट कराया जा रहा है। इसकी बानगी प्रात: कामकाज व दोपहर की ड्यूटी में भी दिख रही है।
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127 सैनिकों को नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरबा में जिला सेनानी के तुगलकी फरमान से नगर सैनिकों में हड़कंप मच गया है। ब्रिटिश काल से निर्धारित नियम कायदों का औचित्य वर्तमान के साथ जांच का पॉइंट कराया जा रहा है। इसकी बानगी प्रात: कामकाज व दोपहर की ड्यूटी में भी दिख रही है। राजपत्रित सैनिकों के लिए माह में अट्ठारह दिन जनरल परेड में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। जिसकी अनदेखी उपरांत 127 सैनिकों को मजबूरन पूरे माह उन्हें विश्राम से नोटिस जारी करते हुए, अलग-अलग दिन कार्यालयीन अवधि में जिला सेनानी कार्यालय तलब किया गया है। नगर सैनिक न सिर्फ पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लॉ एंड ऑर्डर कायम रखने में सहयोग करते हैं, बल्कि अन्य भी कई जनउपयोगी व आपदा प्रबंधन संबंधी अन्य जिम्मेदारी भी तय करते हैं। नगर सैनिकों को अलग स्थानों पर ड्यूटी भी लगाई गई है, जिसका पूरे निष्ठा के साथ निर्वहन भी करते हैं, लेकिन कुछ माह से नगर सैनिकों की परेशानी बढ़ गई है।

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राजपत्रित जिला सेनानी कार्यालय में सप्ताह के दो दिन सोमवार व गुरुवार जनरल परेड का समय रखा गया है। इस दौरान जो माह के अठ्ठारह दिन होने वाले जनरल परेड में सैनिकों की उपस्थिति अनिवार्य है। दरअसल कई महिलाएँ ऐसी हैं, जिनकी तैनाती जिला मुख्यालय से कोने-कोने में दूर है। उन्हें परेड के लिए एक दिन पहले ही जिला मुख्यालय सूचना देना पड़ता है। सैनिकों को माँ बनने के लिए उन्हें अपने बच्चों के सुरक्षा व देखभाल में छूट की मांग मिल रही है। जिसमें आवाजाही के कारण मानसिक तनाव व आर्थिक परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं। इसके कई महिला सैनिक माँ भी हैं, जिनकी उपस्थिति कार्य में आवश्यकता व मुश्किल साबित होती है। इन समस्त समस्याओं के बीच विश्राम से जारी नोटिस ने सैनिकों को हड़बड़ा दिया है। अफवाह यह है कि विश्राम द्वारा जनरल परेड में शामिल नहीं होने वाले 127 सैनिकों को नोटिस जारी की गई है।  इसी तरह 127 सैनिकों से अधिक सैनिकों को नोटिस जारी करना ही अपने आप में त्रासदी का कारण बन जाता है। इस मामले में कोई भी कदम उठाने की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

जिला सेनानी प्रभारी ए के एक्का को इस मामले में फोन कर जानकारी लेनी चाहिए लेकिन उन्होंने फोन उठाना सही नहीं समझा।जिला सेनानी कार्यालय के महिला व पुरुष सैनिकों ने जनरल परेड में अनुपस्थित रहने पर नोटिस के लिए एक ही जगह पर हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी महिला सैनिकों ने छूट के बावजूद नोटिस जारी होने के बाद अठारह दिन तक अवकाश पर गए हैं। उनकी ओर से मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए हैं और इस बात का पता नहीं चल रहा है कि वे काम पर क्यों नहीं गए हैं। यह मांग किया जा रहा है कि अवकाश के बावजूद नोटिस क्यों जारी किया गया है।

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