ऑक्सीजन की कमी से नवजात बच्चे की मौत
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कोरबा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में प्रसूता किरण विश्वकर्मा का प्रसव किसी तरह संपन्न हो गया लेकिन उसके द्वारा जन्मे नवजात की मौत हो गई। किरण के पति ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है जबकि अस्पताल के डॉक्टर में इस प्रकार के आरोप को खारिज किया। ntpc जैलगांव अयोध्या के रहने वाले आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि दोपहर को वह गर्भवती पत्नी किरण को अस्पताल लेकर आया था। बाद किरण को कोरबा रेफर किया गया था। यहां पर प्रसव में समस्या होने पर उपेक्षा की गई।
आशीष विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान बच्चेदानी नहीं खुलने की बात कहते हुए जबरदस्ती बच्चेदानी में हाथ डालकर खोला गया और जिसके चलते इलाज में लापरवाही के कारण नवजात की मौत हुई है। प्रसव का जो तारीख था वह काफी आगे बढ़ चुका था इसलिए उसे भर्ती कराया गया था। आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि उसके एक 12 साल का बच्चा है और दूसरा 10 साल का वहीं तीसरा बच्चे का जन्म होने से पहले उसकी मौत हो गई कहीं ना कहीं इलाज में लापरवाही की गई है जिससे चलते यह घटना सामने आई। जबकि जिला मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर आदित्य सिसोदिया ने बताया कि प्रबंधन का कहना है कि किरण के दो प्रसव पहले भी सामान्य हुए थे इसलिए तीसरी प्रसव को लेकर कोई समस्या नहीं होनी चाहिए थी। लेबर रूम में टीम ने महसूस किया कि प्रसव के दौरान किरण के द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा था इससे दिक्कत हुई।
डॉक्टर ने बताया कि इस वजह से बच्चेदानी में खतरा हुआ जब तक हम ऑपरेशन की तैयारी करते, बच्चा डिलीवर हो गया था। पूरे मामले में ऑक्सीजन की कमी से बच्चे की मौत हुई है। जिस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका कोई आधार नहीं है। इससे पहले भी अस्पतालों में मरीजों की स्थिति बिगड़ने और अन्य हालात उत्पन्न होने पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला होता ही है। किरण विश्वकर्मा के बच्चे की मौत के बाद आगे क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं इसका सभी को इंतजार है।