मानिकपुर क्षेत्र में मंगलवार की सुबह करीब चार बजे एक नंदी बैल गहरे कुएं में गिर गया। बैल के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। पानी और कीचड़ के बीच फंसे होने के कारण उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।
लोगों ने तुरंत रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी को सूचना दी। आरसीआरएस का बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा। दल में मानस, उमेश और राज शामिल थे, जिनके साथ स्थानीय गौ सेवक भी बचाव कार्य में जुट गए। कुआं काफी गहरा और संकरा था, जिससे बचाव में कठिनाई आ रही थी। सदस्यों ने पहले स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रस्सियों, पट्टों और अन्य बचाव उपकरणों का उपयोग किया। दल ने बहुत सावधानी से नंदी बैल के शरीर पर रस्सी बांधी। कुएं के किनारे खड़े लोगों और गौ सेवकों ने मिलकर रस्सी खींचने में मदद की।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद नंदी बैल को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया गया। बैल को बाहर निकालते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर आरसीआरएस दल और गौ सेवकों का उत्साह बढ़ाया। बचाव के बाद पशु चिकित्सक की मदद से नंदी बैल का प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि बैल को कोई गंभीर चोट नहीं आई। उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चारे-पानी की व्यवस्था की गई।
स्थानीय लोगों ने आरसीआरएस दल और गौ सेवकों के इस मानवीय कार्य की खूब सराहना की। बरसात और अंधेरे के कारण कई बार मवेशी और वन्यजीव खुले कुओं में गिर जाते हैं। ऐसे में आम लोगों को स्वयं बचाव का प्रयास नहीं करना चाहिए। इससे पशु और इन्सान दोनों को खतरा हो सकता है। उन्होंने अपील की कि यदि कोई पशु या वन्यजीव फंस जाए तो तुरंत आरसीआरएस के बचाव दल या वन विभाग को सूचना दें। प्रशिक्षित दल ही सुरक्षित तरीके से बचाव कर सकता है।