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कोरबा: विरोध के बीच हुआ नापजोख, ग्रामीणों का विरोध और व्यापारियों ने किया बाजार बंद, छावनी में बदला गांव

Wed, 15 Oct 2025 05:20 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में एसईसीएल की दीपका खदान के विस्तार को लेकर ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आज सुबह अचानक तेज़ी पकड़ गई जब प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ खदान प्रबंधन की टीम हरदी बाजार पहुंची।
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विरोध के बीच हुआ नापजोख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरबा में एसईसीएल की दीपका खदान के विस्तार को लेकर ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आज सुबह अचानक तेज़ी पकड़ गई जब प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ खदान प्रबंधन की टीम हरदी बाजार पहुंची। यहां सरकारी भवनों की नापजोख का कार्य बलपूर्वक शुरू कर दिया गया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एसईसीएल ने बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के नापी का कार्य आरंभ किया है। पुलिस छावनी जैसे माहौल में ग्रामीणों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यवाही से उनका भरोसा पूरी तरह टूट गया है।

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आंगनबाड़ी में बच्चों की पढ़ाई रुकवा कर शुरू हुई नापजोख
बताया जा रहा है कि जब सर्वे टीम आंगनबाड़ी पहुंची, तब वहां बच्चे अध्ययनरत थे। उन्हें कक्षा से हटाकर शासकीय भवन की माप शुरू कर दी गई। इससे लोगों में और भी आक्रोश फैल गया। SECL प्रबंधन द्वारा सर्वेक्षण का कार्य सबसे पहले आंगनबाड़ी, हॉस्पिटल और शासकीय आवासों की नापजोख से शुरू किया गया। सुबह 10 बजे से यह कार्य भारी पुलिस सुरक्षा में शुरू हुआ।

ग्रामीणों की सात सूत्रीय मांगें
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सात सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, वे किसी भी सर्वे कार्य की अनुमति नहीं देंगे। उनका कहना है कि SECL को पहले विस्थापितों के लिए नौकरी और मुआवज़ा की लिखित गारंटी देनी चाहिए, तभी वे आगे बात करने को तैयार हैं। ग्रामीण आंदोलन को समर्थन देते हुए स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। व्यापारियों का कहना है कि जब तक विस्थापितों को उचित मुआवज़ा और रोजगार की गारंटी नहीं दी जाती, वे जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
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ग्रामीणों की चेतावनी: खदान बंद करने पर होंगे विवश
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि SECL ने सर्वे और नापी का कार्य ज़बरदस्ती जारी रखा, तो वे खदान बंद कराने के लिए आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने प्रशासन से इस कार्यवाही को तत्काल रोकने की मांग की है।

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