फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Korba: राखड़ परिवहन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप

Fri, 06 Jun 2025 02:48 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा के मानिकपुर खदान में राखड़ परिवहन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि बालको, एनटीपीसी और सीएसईबी द्वारा नियमों की अनदेखी कर केवल राखड़ डंप किया जा रहा है। 
विज्ञापन
ग्रामीणों ने खोला मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरबा के मानिकपुर खदान में राखड़ परिवहन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि बालको, एनटीपीसी और सीएसईबी द्वारा नियमों की अनदेखी कर केवल राखड़ डंप किया जा रहा है, जबकि ओवरबर्डन (निर्माता मिट्टी) का डंपिंग नहीं किया जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और ग्रामीणों को टीवी, दमा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एसईसीएल के खिलाफ नारेबाजी की और खदान में काम बंद कराने की मांग की।

विज्ञापन


नियमों की अनदेखी कर केवल राखड़ डंप किया जा रहा है।ओवरबर्डन का डंपिंग नहीं किया जा रहा है।वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और ग्रामीणों को स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। खदान में काम बंद कराने की मांग।नियमों का पालन करवाने की मांग।स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करने की मांग। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह 11:00 लगभग 4 से 5 गांव के लोग एकत्रित हुए और secl के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भिलाई खुर्द,कुदरी, रापखरा के अलावा ढेलवाडीह ग्रामीण मानिकपुर खदान पहुंचे जहां गौ माता चौक से अंदर घुसने वाले खदान के अंदर राखड़ परिवहन किया जा रहा था उसे ग्रामीणों ने बंद कराया और खदान जाकर देखा कि केवल राखड़ को ही पाटा जा रहा है। जबकि नियम के तहत मिट्टी भी उसमें डंप करना है। ताकि राखड़ न उड़े मिट्टी डंप नहीं करने से रखड़ उड़ रहा है और लोगों को इससे परेशानी हो रही है।

भू स्थापित अमन पटेल ने बताया की एसईसीएल प्रबंधन को कई बार इस समस्या को लेकर अवगत कराया जा चुका है वही पत्राचार भी किया गया लेकिन उसके बावजूद भी अनदेखी की जारी है केवल और केवल राखड़ डंप किया जा रहा जरा सी आंधी तूफान आते ही राखड़ उड़ कर लोगों के घरों में घुस रहा है इसके अलावा खाना पीना मुश्किल हो गया है ऐसी स्थिति में उन्हें कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
विज्ञापन


ग्रामीण रामेलाल ने बताया कि पिछले कई सालों से इस तरह की समस्या बनी है जिसके चलते लोग कैंसर,दमा, और टीवी जैसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं वही रखायुक्त पानी लोगों के खेतों में जा रहे हैं और राखड़ उड़कर बड़ी में लगे सब्जी भाजी में जाने के बाद उसका उपजाऊ उर्वरक खत्म हो जा रहा है जिसके चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। ग्रामीणों ने राखड़ परिवहन बंद करने के बाद वाहनों की लंबी कथा लग गई और खदान से लेकर कोरबा चंपा मुख्य मार्ग तक जाम की स्थिति निर्मित हो गए जिससे आम लोगों को भी आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते उनके मांगे पूरी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में वह पूरा प्रोडक्शन ही बंद कर देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें