दिल्ली की संघर्ष रैली में शामिल होंगे कोरबा के सैकड़ों मजदूर-किसान।
- फोटो : संवाद
पांच अप्रैल को दिल्ली में आयोजित मजदूर किसानों की संघर्ष रैली में अपना हक मांगने कोरबा जिले से भी सैकड़ों मजदूर-किसान शामिल होंगे। यहां वह ठगों से देश को बचाने और लूट और शोषण की व्यवस्था के खिलाफ मजदूर-किसानों की एकता दिखाने के लिए एकत्र हो रहे हैं। संघर्ष रैली को सफल बनाने के लिए सीटू और किसान सभा ने संयुक्त रूप से व्यापक प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। गांव-गांव में पर्चे वितरण और बैठक कर मजदूर और किसानों को मोदी सरकार की सत्यानाशी नीतियों के खिलाफ संगठित किया जा रहा है। दिल्ली में संघर्ष रैली में शामिल होने की अपील की जा रही है।
सीटू के प्रदेश अध्यक्ष एसएन बैनर्जी और जिला महासचिव वीएम मनोहर ने कहा है कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों से मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर हमला कर रही है। बिजली का निजीकरण करके विद्युत बिल को इसी कारण मंहगा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर और सचिव प्रशांत झा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से किए गए अपने वादे से पीछे हटी है। किसानों को उनकी फसलों का स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत का डेढ़ गुना कीमत न देकर अनाज मगरमच्छों को पाल रही है। इसलिए भूमि, भोजन और रोजगार की लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए इस संघर्ष रैली को सबको मिलकर सफल बनाना होगा।