कोरबा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगाम लगाने के लिए खनिज विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की लगातार चल रही सख्त कार्रवाई से जिले के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है। अवैध रेत, लाल ईंट और चूना पत्थर के परिवहन में लगे वाहनों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज उड़नदस्ता दल ने 4 ट्रैक्टर, 3 टीपर, 1 जेसीबी और 1 हाईवा को जप्त कर लिया है।
खनिज अधिकारी के निर्देश पर गठित उड़नदस्ता दल ने विशेष अभियान चलाकर जिले के संदिग्ध स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। भैसामुड़ा, कटबिटला, कुदमुरमाल, सोनपुरी, सीतामढ़ी, बरमपुर, राताखार, पाली, ढुकुपथरा, बाल्को, कसनिया, कटघोरा, उरगा, पताढ़ी सहित अन्य स्थानों पर सघन जांच की गई। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए 4 ट्रैक्टर, 2 टीपर और 1 जेसीबी को रंगे हाथ पकड़ा गया। वहीं लाल ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर और निम्न श्रेणी चूना पत्थर लेकर जा रहे 1 हाईवा को भी जप्त किया गया।
सभी वाहनों को राताखार, पाली, पताढ़ी, हरदीबाजार और जेंजरा क्षेत्र से पकड़ा गया। जप्त वाहनों को थाना पाली, थाना सिविल लाइन रामपुर, थाना हरदीबाजार, खनिज जांच नाका उरगा और खनिज जांच नाका कटघोरा की अभिरक्षा में रखा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन में लगे लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करना है। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करना और शासकीय राजस्व की हो रही हानि को रोकना भी अभियान का अहम हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक अवैध खनन से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि राज्य को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा था।
विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने और अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ खान और खनिज अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। खनिज विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन में लगे लोगों में दहशत का माहौल है और अवैध परिवहन में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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