सजग कोरबा-सतर्क कोरबा अभियान के तहत साइबर थाना कोरबा ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी की राशि में से 27,070 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। यह आरोपी यूट्यूब से सीखकर लोगों को बैंक लोन का झांसा देता था।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने मार्गदर्शन दिया। साइबर थाना प्रभारी ललित चंद्रा की टीम ने आरोपी को पकड़ा। साइबर थाना कोरबा में अपराध क्रमांक 04/2026 दर्ज किया गया था। जांच में पुष्पेंद्र कुमार मेहर नामक आरोपी का पता चला। वह 25 वर्ष का है और सेमरा, डबरा, शक्ति का निवासी है। वर्तमान में वह रिस्दी, बालको में रहता था। वह लोगों को आसान किस्तों पर लोन का लालच देता था।
आरोपी विभिन्न व्यक्तियों को अपने प्रभाव में लेता था। वह उनके नाम पर सिम कार्ड प्राप्त करता था। इन्हीं सिम कार्ड का उपयोग साइबर अपराधों के लिए किया जाता था। ठगी के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए वह सिम कार्ड नष्ट कर देता था। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने 2023 में भी एक व्यक्ति से 40,000 रुपये की ठगी की थी।
ताजा ठगी का विवरण
ताजा मामले में 22 जून 2026 को आरोपी ने नोनी बाई यादव को निशाना बनाया। उसने 11,000 रुपये मासिक किस्त पर 5,00,000 रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने महिला के फोन में फोनपे चलाकर 40,500 रुपये ट्रांसफर करवा दिए। यह राशि एक अन्य व्यक्ति के खाते में भेजी गई थी। आरोपी ने उस खाताधारक का क्यूआर कोड लोन का झांसा देकर पहले ही ले लिया था। बाद में वह उस व्यक्ति के साथ बैंक गया और खाते से नगद निकाल लिए।
पुलिस कार्रवाई और अपील
पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके पास से 27,070 रुपये नगद बरामद हुए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उसकी अन्य साइबर ठगी में संलिप्तता की विस्तृत जांच जारी है। कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे लोन या निवेश के नाम पर अज्ञात लोगों के झांसे में न आएं। राशि भेजने से पहले संस्था की सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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