छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शुक्रवार की सुबह दो अलग-अलग हादसों में एक मजदूर की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। कुसमुंडा खदान क्षेत्र में हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाइड्रोलिक सिलेंडर फटने से मजदूर की मौत
कुसमुंडा खदान की नीलकंठ कंपनी वर्कशॉप में ड्रिल मशीन की मरम्मत के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। शुक्रवार की सुबह हाइड्रोलिक सिलेंडर फटने से 23 वर्षीय मजदूर संजय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त छह मजदूर मशीन पर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइड्रोलिक प्रेशर के चलते अचानक सिलेंडर फट गया, जिससे संजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय कुमार चार बहनों का इकलौता भाई था और अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा था। उसके चचेरे भाई रविंद्र कुमार देवांगन ने बताया कि संजय को शुक्रवार को अवकाश था, लेकिन कंपनी ने उसे काम पर बुलाया था, जो लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस हादसे में दो अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
कोयला परिवहन के दौरान ट्रेलर भिड़े, तीन घायल
दूसरी घटना एसईसीएल कुसमुंडा खदान क्षेत्र के 14 नंबर काटा के पास हुई। कोयला परिवहन में लगे दो ट्रेलर वाहन आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक ट्रेलर का चालक वाहन के केबिन में फंस गया, जिसे निकालने के लिए करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कटर की मदद से केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला गया। इस हादसे में दोनों ट्रेलर वाहनों में सवार कुल तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों और मजदूरों ने दोनों घटनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।