सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा 1 लाख रुपये की राशि उनके संयुक्त बैंक खाते में जमा कर दी गई है, जबकि शेष 1.50 लाख रुपये उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तीन वर्ष की सावधि जमा के रूप में निवेश किए गए हैं। यह आर्थिक सहायता उनके नए जीवन की शुरुआत को सुगम बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सामाजिक समरसता की ओर एक मजबूत कदम
केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकारें सामाजिक समरसता को मजबूत करने, जातीय भेदभाव को समाप्त करने और युवाओं को रूढ़िवादी सोच से मुक्त कर समानता के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। यह योजना समाज को अधिक संवेदनशील, एकजुट और प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी है, जो प्रेम, सम्मान और समानता की भावना को बढ़ावा देता है।
अभिषेक और बबीता की यह पहल सामाजिक परिवर्तन की नींव रखती है। उन्होंने साबित किया कि विश्वास और साहस से जाति-पाति की दीवारें ढह सकती हैं और मानवीय मूल्य ही समाज की असली पहचान बनते हैं। इस योजना से मिली सहायता ने उनकी नई यात्रा को सुरक्षित और स्थिर बनाया है, जो उनकी आपसी समझ और दृढ़ता के साथ मिलकर एक प्रेरक कहानी प्रस्तुत करती है। चार साल पहले शादी के बंधन में बंधे अभिषेक और बबीता की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब समाज उन्हें अपनाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता है।