कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम जमनीमुड़ा में मुर्गी चोरी के मामूली शक ने खूनी रूप ले लिया। पड़ोसियों के बीच हुए विवाद में एक युवक की डंडे और ईंट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के कुछ घंटे बाद ही पाली पुलिस ने हत्या के आरोपी पिता और उसके दो नाबालिग बेटों को हिरासत में ले लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 14 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच जमनीमुड़ा में आमने-सामने रहने वाले दो पड़ोसियों खुशाल सिंह कंवर उर्फ कुसाल सिंह और नारायण सिंह पोर्ते के बीच मुर्गी चोरी को लेकर कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि नारायण सिंह कोरते ने खुशाल के सिर पर डंडे से वार किया। जवाब में खुशाल ने भी हमला किया, जिससे नारायण के कान पर चोट आई और वह खून से लथपथ घर पहुंचा।
पिता को घायल देख नारायण के दोनों नाबालिग बेटे आक्रोशित हो गए और खुशाल सिंह के घर पहुंचकर ईंट और डंडे से उसकी जमकर पिटाई की। हमले में खुशाल के सिर और कनपटी पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उसे शासकीय अस्पताल पाली पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पिता-पुत्र फरार थे।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, एएसपी कटघोरा, एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह राजपूत और थाना प्रभारी पाली के नेतृत्व में टीम गठित कर घेराबंदी की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी नारायण सिंह पोर्ते 44 वर्ष निवासी जमनीमुड़ा को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में जुर्म स्वीकार कर लिया।
आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाए जाने पर न्यायिक रिमांड तैयार कर जेएमएफसी न्यायालय पाली में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त कर उसे उप जेल कटघोरा दाखिल कराया गया। वहीं प्रकरण में शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना जुर्म कबूला। दोनों को किशोर न्याय बोर्ड कोरबा के सामने पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि मामूली विवाद ने हत्या जैसी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
अब यहां देखें तस्वीरें-
मुर्गी चोरी के मामूली विवाद में हत्या
मुर्गी चोरी के मामूली विवाद में हत्या
मुर्गी चोरी के मामूली विवाद में हत्या