कोरबा जिले में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन कोरबा में परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए तथा ‘सशक्त एप’ और ‘अनुभव क्यूआर कोड’ के माध्यम से नागरिक फीडबैक पर जोर दिया।
पुलिस महानिरीक्षक ने बालको थाना का सघन निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बीट प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, शस्त्रागार भवन के लोकार्पण, अपराध निकाल, ऑपरेशन तलाश के तहत गुमशुदा व्यक्तियों की दस्तयाबी और ‘अनुभव QR कोड’ के जरिए फीडबैक लेने पर विशेष चर्चा की।
कोरबा। पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग ने आयोजित दरबार में कर्मचारियों की समस्याओं और पुलिस व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा भविष्य निधि (PF) और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में हो रही देरी की शिकायतें सामने आई थीं, जिनकी जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देशित किया गया है।
दरबार में कई कर्मचारियों ने अपनी पारिवारिक समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया गया। IG ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की कोशिश की जाएगी।
वाहन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिन थानों में चार पहिया वाहन उपलब्ध नहीं हैं, वहां जल्द ही उनकी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही दोपहिया वाहनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कुछ वाहनों में कमियां पाई गईं, जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस लाइन स्थित कैंटीन में सुधार को लेकर भी चर्चा की गई। IG ने कहा कि कैंटीन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए शिकायतों और दर्ज FIR की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले के विभिन्न मुद्दों को समझकर प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
साइबर क्राइम को लेकर IG ने इसे गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खासतौर पर म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम कार्ड्स पर पुलिस की नजर है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जा रही है। कोरबा में साइबर थाना खुलने के बाद ऐसे अपराधों पर नियंत्रण के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।