ठेका कर्मी की इलाज के दौरान मौत
- फोटो : अमर उजाला
कोरबा में दर्री स्थित एचटीपीएस सीएसईबी प्लांट में बिजली सप्लाई कार्य के दौरान हुए हादसे ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। 7 अगस्त 2025 को काम के दौरान करंट लगने से ठेका कर्मी सुरेंद्र साहू (25 वर्ष), पिता रामकुमार साहू, निवासी अयोध्यापुरी दर्री और सीएसईबी इंजीनियर आकाश कुजूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। दोनों को तत्काल रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल रेफर किया गया था।
लगभग आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आज 15 अगस्त की सुबह सुरेंद्र साहू ने दम तोड़ दिया। सुरेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार और अयोध्यापुरी इलाके में मातम छा गया। शव को रायपुर अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद कोरबा लाया गया। बताया जा रहा है कि ठेका कर्मियों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने ठेकेदार और सीएसईबी प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।जहाँ 12 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात पर सहमति बनी है तब जा कर मामला शांत हुआ है नही तो सबंधित विभाग का घेराव की जानकारी सामने आ रही थी
बताया जा रहा है की सीएसईबी कोरबा पश्चिम के एचटीपीपी में मृतक लाइव ब्रेकर छू लेने के कारण जूनियर इंजीनियर आकाश कुजूर और सुरेंद्र साहू नामक ठेका कर्मी झुलसगए थे। आनन फानन में दोनों को कालरा हॉस्पिटल रायपुर रिफर कर दिया गया था ,जहां इलाज के दौरान ठेका कर्मी सुरेंद्र साहू की बीती रात मौत हो गई। आकाश कुजूर का अभी भी कालरा हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि संचालन वाली जीमैक्स नामक कंपनी ने प्लांट में क्लीनिंग और टाइटनेस का काम ठेके पर ले रखा है। घटना दिनांक को सुरेंद्र साहू और आकाश कुजूर बिजली की चपेट में जैसे ही आए खानापूर्ति शुरू कर दी गई ।दोनों घायलों को कोरबा मेंऔपचारिकता पूर्ण करने के बाद रायपुर भेज दिया गया। मामले को रफा दफा करने का प्रयास ठेकेदार की ओर से किया गया किंतु ठेका कर्मी की मौत के बाद अब इस मामले को छिपा कर रखना मुश्किल हो गया।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया की प्लांट में हादसे में दो लोग घायल हुए थे एक की ईलाज के दौरान मौत हो गई जहा दूसरे का ईलाज जारी है मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। सुरेंद्र साहू के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने माता-पिता के साथ पूरे परिवार का सहारा था। इस हादसे से पूरा परिवार बेसहारा महसूस कर रहा है।मृतक के शादी को कुछ ही साल हुए है जहा शादी के बाद बच्चे नही है।घर का काऊ पुत्र था।