ब्लास्टिंग से अब बरपाली ग्राम में एक ग्रामीण के घर का छप्पर भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि छत गिरने से पहले पूरा परिवार घर से बाहर आ गया था नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी।
कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण खदान से लगे गांव में रहने वाले लोगों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही। ब्लास्टिंग से अब बरपाली ग्राम में एक ग्रामीण के घर का छप्पर भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि छत गिरने से पहले पूरा परिवार घर से बाहर आ गया था नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। हैवी ब्लास्टिंग से प्रभावित ग्रामीण विस्थापन की मांग को लेकर खदान के भीतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से लगे गांव में रहने वाले ग्रामीण सुरक्षित नहीं है। कोयला उत्पादन के लिए खदान में होने वाली हैवी ब्लास्टिंग के कारण लोगों के आवास प्रभावित हो रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की जान खतरे में दिखाई दे रही है। खदान से सटे ग्राम बरपाली में ऐसी ही एक घटना सामने आई जहां देखते ही देखते हरिदास नामक ग्रामीण के मकान का छप्पर भरभराकर नीचे गिर गया।
इस घटना की आहट परिवार वालों को पहले ही हो गई थी। उन्होंने घर से बाहर निकलकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। हरिदास की पत्नी ने बताया, कि वे अपने बच्चों को लेकर दोपहर के वक्त घर पर सो रही थीं तभी पड़ोसी ने उन्हें जगाया जिसके बाद वे कमरे से बाहर निकली, जिसके बाद घर की छत गिर गई। कहा जा रहा है, कि खदान में ब्लास्टिंग होने के कारण यह सब कुछ हुआ है।
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हरिदास के पड़ोस में रहने वाले एक और ग्रामीण का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। मेदनी बाइ नामक महिला ने बताया, कि उसके घर की दीवारें दरक गई हैं और घर की शीट भी टूट रही है। बरपाली की तरह कुसमुंडा खदान से लगे पाली पड़निया, जटराज गांव का भी यही हाल है जहां ग्रामीणों के घर ब्लास्टिंग के कारण प्रभावित हो रहे हैं। समय रहते अगर इनका विस्थापन नहीं किया गया तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।