गवाह के अनुसार, दुकान के कंप्यूटर में उसने मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखी थीं, जिसके बाद उसने मधुर से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। इस पर मधुर ने उसे धमकाया और बदनाम करने की धमकी दी। गवाह ने यह भी बताया कि सलमा सुल्तान और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना अक्टूबर 2018 की है।
गवाह ने बताया कि जब वह और काम करने वाली विमला (बदला हुआ नाम) कमरे से बाहर आए, तो देखा कि मधुर, सलमा के ऊपर बैठकर उसका गला दबा रहा था, जबकि कौशल तकिए से उसका मुंह दबाए हुए था। डर के मारे वह मदद के लिए बाहर भागना चाहती थी, लेकिन कौशल ने उसे रोक लिया और मधुर ने जान से मारने की धमकी दी। यह दृश्य इतना भयावह था कि वह और विमला फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके बाद मधुर ने दोनों युवतियों को धमकाकर सबूत मिटाने में इस्तेमाल किया।
फिलहाल इस मामले में मधुर साहू सहित कौशल श्रीवास व अतुल शर्मा गिरफ्तार किए गए थे। वर्तमान में सभी आरोपित जमानत पर हैं और प्रकरण की सुनवाई जारी है। मधुर ने शव को दफनाया था। उसका स्थान बदलकर बाद में दर्री-कोरबा मार्ग के भवानी मंदिर के पास सड़क किनारे दफना दिया था। संयोग से पुरानी सिंगल सड़क का फोरलेन में निर्माण हो गया और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बीच सड़क से गड्ढा खोदकर शव बाहर निकाला।
वर्ष 2023 में फोरलेन सड़क के नीचे दफन शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान सलमा के रूप में हुई। शव मिलने के बाद 2023 में मधुर साहू सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 2024-25 के दौरान चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल लंबित होने के आधार पर तीनों आरोपियों को जमानत मिल गई।
सुनील सोनवानी, विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में साक्ष्य पुलिस प्रस्तुत नहीं कर पाई थी, इसलिए आरोपितों को जमानत मिल गई। सुनवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं। चश्मदीद गवाह की गवाही निर्णायक होगी।