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Korba: सर्दी खांसी होने पर कराएं जांच, कोविड के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग की तैयारी, अलग से वार्ड तैयार

Sat, 31 May 2025 02:04 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा  कोरोना को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से आ रही सूचनाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी स्तर पर शुरुआती तैयारी पर ध्यान दिया है।
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कोरोना को लेकर अलग से वार्ड तैयार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरबा  कोरोना को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से आ रही सूचनाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी स्तर पर शुरुआती तैयारी पर ध्यान दिया है। लोगों को बचाव पर ध्यान देने और किसी भी स्थिति में पैनिक ना होने की सलाह दी जा रही है । विशेष जोर इस बात को लेकर है कि अगर सर्दी खांसी की शिकायतें हैं तो लोग इसे हल्के से ना लें और जांच जरूर कराएं। कोरबा जिले के सीएमएचओ डॉक्टर एसएन केसरी ने सरकार ने इसके लिए एक गाइडलाइन जारी की है ।और इसके हिसाब से कोरबा जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने अपना काम शुरू कर दिया है। कॉविड प्रोटोकॉल बिहेवियर का सभी को पालन किया जाना है। प्राथमिक रूप से ऐसे मामले जो सर्दी खांसी से जुड़े हैं उनकी सभी सरकारी अस्पतालों में जांच होगी और डाटा रखा जाएगा।

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सीएमएचओ ने बताया कि जिन मामलों में कोविद की पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होगी  उनके कंफर्मेशन के लिए रिपोर्ट एम्स रायपुर भेजी जाएगी सीएमएचओ ने बताया कि तैयारी के अंतर्गत कोरबा के  मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शुरुआती स्तर पर चार बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है जिससे कि गंभीर मरीजों की चिकित्सा यहां पर हो सके। मेडिकल कॉलेज सहित सभी अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध होगी । लोगों से अपील की गई है कि संभावित मरीजों को अलग रखें और खुद उनसे बचकर रहे। इस दौरान किसी को भी पैनिक नहीं होना है।

जिला मेडिकल कॉलेज के अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं उप स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों को और मितानिनों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वही मितानिन के द्वारा गांव में घर-घर पहुंच कर इसकी जानकारी विधि जाएगी और जानकारी ली भी जाएगी। सर्दी खांसी और अधिक गंभीर होने पर इसकी जांच जरूर कराए। वह स्पष्ट रूप से आदेश जारी किया गया है कि कोविद जांच के बाद पॉजिटिव पाए जाने पर रायपुर एम्स भेजा जाएगा। इस महामारी से निपटने के लिए जिला मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध है इसके अलावा शहर के स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी भेजा जा रहा है।
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याद रहे 5 वर्ष पहले कोवीड की पहली और दूसरी लहर की उपस्थिति के दौरान कोरबा जिले में काफी नुकसान हुआ था यहां बहुत लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जो कोविद की चपेट में आए थे हालांकि स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से स्थिति को नियंत्रित किया जाना संभव हो सका । भारत सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई वैक्सीन की भूमिका इस मामले में काफी कारगर रही इसलिए स्वास्थ्य विभाग चाहता है कि पुराने अनुभवों को देखते हुए लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर ध्यान दें।

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