कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र में बीते पखवाड़े भर से 38 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। यह झुंड रामपुर सर्किल के आसपास डेरा डाला हुआ था। जिसकी निगरानी के लिए रामपुर के वनपाल चमरू सिंह कंवर व बीट गार्ड गजाधर सिंह राठिया की ड्यूटी लगाई गई थी। वे रविवार की रात हाथियों की निगरानी के लिए निकले थे। इसी दौरान वनकर्मियों को रामपुर परिसर के कक्ष क्रमांक ओए 1464 मुड़धोवा पतरा ग्राम जोगीपाली में जंगल से अवैध कटाई कर ले जाए जाने की खबर मिली।
जहां वन अफसर की नजर जंगल की ओर से आ रहे ट्रेक्टर पर पड़ गई।जब ट्रेक्टर को रोककर ट्राली की तलाशी ली गई तो तीन नग साल का लट्ठा लोड मिला। इस ट्रेक्टर में जोगीपाली के मनाराम पटेल, अंकुश पटेल सहित उनके 8-10 साथी चल रहे थे। उन्होंने ट्रैक्टर के रूखते ही वनकर्मियों से विवाद शुरू कर दिया। इतना ही नहीं वन कर्मियों के मोबाइल भी लूट लिए। उनसे गाली गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान हाथ मुक्के के अलावा लाठी, डंडा, कुल्हाड़ी से भी हमला किया गया। हद तो तब हो गई जब वन पाल व बीट गार्ड को वाहन में बिठाकर गांव ले गए। उन्हें वाहन से उतरकर भागने पर जान से हाथ धो बैठने की धमकी दी गई थी। गांव पहुंचने के बाद तस्करों ने अपने नाते रिस्तेदार सहित कुछ अन्य ग्रामीणों को भी बुला लिया।
इसके साथ ही एकबार फिर 20-25 लोगों ने मिलकर वनकर्मियों की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने वर्दी भी फाड़ डाले। किसी तरह उनकी चंगुल से निकलकर डिप्टी रेंजर भाग निकले। इसकी भनक लगते ही तस्करों ने पीछा कर उन्हें पकड़ने के बाद निर्वस्त्र कर बेरहमी से पिटाई की। इस मामले में वनकर्मियों की शिकायत पर करतला थाने में मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले में डीएफओ प्रेमलता यादव ने बताया कि पीड़ितों के साथ थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी तथा डीएफओ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है।