छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार 13 मई 2026 को आंदोलन के प्रथम चरण में वन कर्मचारियों ने सांकेतिक विरोध दर्ज किया। कोरबा वन परिक्षेत्र के समस्त कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध जताया और संघ को पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रदेशभर के वन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया। कोरबा वन परिक्षेत्र कार्यालय में भी सभी कर्मचारी सुबह से काली पट्टी लगाकर अपने कार्य में जुटे रहे। कर्मचारियों ने कहा कि वे शासन से कई बार अपनी मांगें रख चुके हैं। लेकिन अब तक उनका निराकरण नहीं हुआ है। मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि संघ द्वारा आगे जो भी निर्णय लिया जाएगा, वे उसका पूर्ण समर्थन करेंगे। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पहले चरण के बाद भी शासन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन उग्र होगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोरबा जिले के सभी परिक्षेत्रों के कर्मचारी एकजुट हैं।
प्रमुख मांगें
वन कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना शामिल है। पदोन्नति के अवसर बढ़ाना और वनरक्षकों को 2800 ग्रेड पे देना भी उनकी मांग है। जोखिम भत्ता और वर्दी भत्ता में वृद्धि की भी मांग की गई है। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देना भी एक महत्वपूर्ण मांग है। फील्ड कर्मचारियों को संसाधन उपलब्ध कराना भी उनकी मांगों में शामिल है।
कड़े आंदोलन की दी चेतावनी
संघ ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा जारी की है। 13 मई 2026 को ड्यूटी के दौरान काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। 18 मई 2026 को भोजन अवकाश में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय वृत्त बिलासपुर के समक्ष सांकेतिक धरना प्रदर्शन होगा। 25 मई 2026 को एकदिवसीय अवकाश लेकर संपूर्ण कार्य बंद रखा जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी निर्धारित तिथि में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।