भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजनांदगांव से सांसद संतोष पांडे ने नेपाल की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल नेपाल का आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश की बू आती है। मीडिया से चर्चा करते हुए पांडे ने आरोप लगाया कि दुनिया की कुछ ताकतें छोटे देशों को स्थिर नहीं होने देना चाहतीं, ताकि अपने स्वार्थ साध सकें। उन्होंने इस स्थिति की तुलना बांग्लादेश और श्रीलंका में हुई राजनीतिक उठापटक से करते हुए कहा। बांग्लादेश में शेख हसीना को हटाया गया, श्रीलंका में भी अस्थिरता फैलाई गई और अब वही नेपाल में हो रहा है। यह मामला सिर्फ टिक-टॉक या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, इसके पीछे बड़ी साजिश है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा पर लगाए गए ‘चमचा संस्कृति’पर मैं पूछना चाहता हूं कि दीपक बैज किसके चमचे हैं? महंत किसके हैं? चौबे किसके हैं? कांग्रेस में तो पूरी संस्कृति ही चमचागिरी की है। जबकि भाजपा कार्यकर्ता ‘सेवक भाव’ से काम करते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को ‘चौकीदार’ और ‘सेवक’ कहते हैं और एक कार्यक्रम में वे सामान्य कार्यकर्ता के बगल में पीछे की कुर्सी पर भी बैठे थे। पांडे के अनुसार यह ‘सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी’व्यवहार कांग्रेस में देखने को नहीं मिलता।
बिलासपुर में ‘वोट छोड़ो, गद्दी छोड़ो’अभियान के दौरान एक आदिवासी नेता से माइक छीने जाने की घटना पर भी पांडे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और आदिवासी समाज का अपमान है। पांडे ने भाजपा का पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा आदिवासियों को सम्मान दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने ही देश को पहली बार एक आदिवासी राष्ट्रपति और प्रदेश को आदिवासी मुख्यमंत्री दिया। साथ ही उन्होंने बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह, गुंडा धुर और सुरेंद्र साय जैसे आदिवासी नायकों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा उनके नाम पर पुरस्कार और सम्मान कार्यक्रम आयोजित करती है।