कोरबा जिले में रेलवे ठेकेदार सुनील साहू ने ग्रामीण क्षेत्र से लोगों को काम पर रखा और दो हफ्ते तक कड़ी मेहनत करवाई, लेकिन अब वह भुगतान देने से बच रहा है। प्रभावित मजदूरों में अधिकांश कोरवा आदिवासी हैं जो पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। ठेकेदार ने उन्हें ग्राम चुइया में काम पर रखने और समय पर भुगतान करने का वादा किया था।काम पूरा होने के बाद ठेकेदार भुगतान देने से बच रहा है और बीमारी का बहाना कर रहा है।मजदूरों ने रेलवे ऑफिस और ठेकेदार के घर पर दस्तक दी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।मजदूरों ने पुलिस की शरण ली, लेकिन उन्हें अदालत जाने की सलाह दी गई मजदूर न्याय की मांग कर रहे हैं और अपना भुगतान प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मजदूर संजय कुमार दास ने बताया कि रेलवे विभाग में एक ठेकेदार है अनिल कुमार अंडर काम करते आ रहे थे उसके द्वारा कहा गया था कि सप्ताह में पेमेंट कर दिया जाएगा। जहां लगभग 50 से 55 मजदूर काम कर रहे थे। काम करने के बावजूद भी अब पैसा देने के लिए आना का नहीं कर रहा है इसकी शिकार सबसे पहले बालको थाना में जाकर की गई जहां उन्होंने कोतवाली थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज करने की सलाह दी वहां भी गए उसके बाद कार्य क्षेत्र उरगा थाना होना बताया गया जहाँ जहां पावती देने के बाद उसे न्यायालय में लगाने की बात कही गई।
मजदूर महिला बिरसो बाई ने बताया कि अनिल साहू नामक ठेकेदार ग्राम चुहिया से लेकर मजदूरी के नाम पर लेकर गया काम कराया लेकिन अब पैसे देने की बारी आई तो आनाकानी कर रहा है ऐसे में शिकायत करने की मजबूर है उनके सामने भी कई परेशानियां है। घर परिवार में शादी है वही घर में बच्चे भी बीमार है और उन्हें पैसे की जरूरत है ऐसे मजदूरी करने के बाद भी पैसे नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।