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कोरबा: आरक्षक की हार्टअटैक से हुई मौत, पुलिस मुख्यालय समेत पूरा विभाग शोक में डूबा

Sun, 07 Sep 2025 01:47 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा पुलिस विभाग में लगातार घट रही दुखद घटनाओं से पूरा पुलिस परिवार गमगीन है। जानकारी के अनुसार, 27 वर्षीय सुरेंद्र लहरे, जो कि बालको सेक्टर-3 में निवासरत थे और पुलिस लाइन की एमटी शाखा में पदस्थ थे, का हार्ट अटैक से निधन हो गया।
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आरक्षक की हार्टअटैक से हुई मौत - फोटो : अमर उजाला
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कोरबा पुलिस विभाग में लगातार घट रही दुखद घटनाओं से पूरा पुलिस परिवार गमगीन है। जानकारी के अनुसार, 27 वर्षीय सुरेंद्र लहरे, जो कि बालको सेक्टर-3 में निवासरत थे और पुलिस लाइन की एमटी शाखा में पदस्थ थे, का हार्ट अटैक से निधन हो गया। सुरेंद्र लहरे डीएसपी प्रतिभा मरकाम के चालक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पुलिस मुख्यालय समेत पूरा विभाग शोक में डूब गया है।

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बताया जा रहा है कि सुरेंद्र लहरे को अचानक सीने में दर्द हुआ और तबीयत बिगड़ने पर परिजन व सहयोगी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहा ईलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मात्र 27 वर्ष की आयु में हुई इस अप्रत्याशित मौत से उनके परिवारजनों, सहकर्मियों और परिचितों में गहरा दुख व्याप्त है। पिछले दो दिनों में  यह पुलिस विभाग के लिए तीसरी बड़ी क्षति है। इससे पहले पुलिस लाइन में निवासी तीन पुलिस कर्मियों के पुत्रों की तालाब में डूबने से मौत हो गई।फिर एक दिन बाद एक टीआई मंजूषा पांडे की बीमारी से मौत और अब एक आरक्षक की मौत हो चुकी है। वहीं, एक दिन पहले तीन पुलिसकर्मियों के पुत्रों की तालाब में डूबकर मौत होने की घटना ने पूरे विभाग को झकझोर कर रख दिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से पुलिस परिवार में मातम का माहौल है और हर कोई व्यथित है।

सुरेंद्र लहरे की संवेदनशील और मिलनसार छवि के कारण वे सभी के प्रिय थे। पुलिस परिवार और स्थानीय लोग उनके असमय निधन को किसी बड़े सदमे से कम नहीं मान रहे। वर्तमान में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारजनों में भय और चिंता का माहौल है। विभागीय अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि आरक्षक सुरेंद्र लहरी के शादी को महज कुछ ही साल हुए हैं और उसका एक आठ माह का बच्चा भी है। वह इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने इस बात पर भी सवाल खड़े किए हैं कि पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर और अधिक गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

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