सोमवार की सुबह कुसमुंडा क्षेत्र में सड़क और मूलभूत सुविधाओं की लगातार लापरवाही पर युवा कांग्रेस, पार्षदों, सांसद प्रतिनिधि और एनएसयूआई ने कड़ा रुख अपनाया है। एसईसीएल सीजीएम कार्यालय कुसमुंडा में एक बैठक हुई। इसमें कांग्रेसियों ने पीडब्ल्यूडी और एसईसीएल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
यह फटकार चक्काजाम के दौरान बनी सहमति पर काम शुरू न करने को लेकर थी। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर बेशर्म फूल का गुलदस्ता भेंट कर विरोध आंदोलन किया जाएगा। दरअसल, कुसमुंडा सड़क की जर्जर हालत, धूल और दुर्घटनाओं के कारण पूर्व में चक्काजाम हुआ था। तब एसईसीएल सीजीएम, पीडब्ल्यूडी एसडीओ और प्रशासन की मौजूदगी में कई मांगों पर सहमति बनी थी।
इनमें सड़क निर्माण, डामरीकरण, स्ट्रीट लाइट और कुचेना बायपास सड़क की मरम्मत शामिल थी। पुलिया मरम्मत और भुट्टा चौक सड़क निर्माण भी इन मांगों का हिस्सा था। तय समय बीतने के बाद भी इन कार्यों पर काम शुरू नहीं हुआ। इसी लेटलतीफी को लेकर यह बैठक आयोजित की गई थी।
कांग्रेसियों ने अधिकारियों को लताड़ा
बैठक में युवा कांग्रेस, पार्षद, सांसद प्रतिनिधि और एनएसयूआई के पदाधिकारी शामिल हुए। कांग्रेसियों ने सीजीएम कुसमुंडा और एसडीओ कटघोरा को क्षेत्र की जनता के साथ हो रहे अन्याय के लिए लताड़ा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि आमजनों के हित के लिए कांग्रेसी सदैव संघर्ष करते रहेंगे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस महीने के अंत तक लगभग सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी
अन्य मांगों में चौक पर वायु गुणवत्ता सूचकांक मीटर लगाना शामिल था। विंड गार्ड, फॉग कैनन और सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने की मांग भी रखी गई थी। शिफ्ट के हिसाब से पांच-पांच पुलिस मित्र तैनात करने पर भी सहमति बनी थी। कांग्रेसियों ने साफ कहा कि यदि तय समय पर मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन होगा। बैठक में नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, पार्षद गीता गवेल, विकास सिंह सहित अनेक कांग्रेसी मौजूद थे।