केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को बंद करने के निर्णय के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोरबा में रैली निकाली। केंद्र सरकार ने 31 मार्च से मनरेगा को समाप्त कर विकसित भारत की रामजी योजना शुरू करने का परिपत्र जारी किया है। कांग्रेसियों को अब भी मनरेगा की यथास्थिति का भरोसा है।
कांग्रेस का मनरेगा को लेकर कोरबा में प्रशासन के साथ टकराव बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। कोरबा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुमति के साथ रैली निकाली और उत्साह दिखाया। युवाओं ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने उन्हें एक निश्चित दूरी पर रोक दिया और आगे जाने नहीं दिया।
सांसद ज्योत्सना महंत ने मनरेगा को पिछली सरकार की अच्छी योजना बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इसे बंद कर रही है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि इस योजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलता था। उन्होंने इसे बर्दाश्त न करने की बात कही।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा को बंद करके पूरे भारत को संदेश दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार महात्मा गांधी के नाम को खत्म करना चाहती है। इसी कारण इस योजना को बंद किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ने की बात कही।
एडिशनल पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को अनुमति वाले स्थान तक आने दिया गया। मौके पर उनसे अपनी मांगों का ज्ञापन लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज ने ज्ञापन सौंपे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया और प्रदर्शन हुआ। पुलिस की अच्छी व्यवस्था के कारण प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी।