कोरबा के नगर निगम इलाके की दादर रोड की जर्जर स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन पर शहर और ब्लॉकों की सड़कों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े वादों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद खराब है।
सड़कों की बदहाली का आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नत्थू लाल साहू ने कहा कि कोरबा शहर की सड़कें अत्यंत खराब हालत में हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के "सबका साथ, सबका विकास" के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि असल में यह "सबका विनाश" कर रही है, क्योंकि जनता को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता दादर रोड की तत्काल मरम्मत और शहर की अन्य बदहाल सड़कों की सुध लेने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जय सिंह अग्रवाल के मार्गदर्शन में सड़क आंदोलन किया गया था, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग मंत्री और नगर निगम के अधिकारी केवल मीटिंग और बयानबाजी तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं दिख रहा है।
करोड़ों का बजट, फिर भी विकास नदारद
राकेश पंकज, जिला युवा कांग्रेस नेता, ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योग मंत्री द्वारा कोरबा जिले में ₹700 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया था, लेकिन आज तक कोई भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की "ट्रिपल इंजन सरकार" के बावजूद, नगर निगम का ₹900 करोड़ का बजट और डीएमएफ की ₹600 करोड़ की राशि हर साल उपलब्ध हो रही है। इसके बावजूद, "कमीशन के चक्कर में टेंडर खोले नहीं जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांवों तक, हर जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं और जनता को सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है।
कांग्रेस की मांगें और चेतावनी
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में दादर रोड सहित कोरबा की जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत, नगर निगम और उद्योग विभाग से विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जारी करना, और स्थानीय प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर आकर जवाब देना शामिल है। कृपा राम साहू ने चेतावनी दी कि यदि सड़कों की मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस का आंदोलन और तेज किया जाएगा।