वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी के इस विशेष संबोधन का सीधा प्रसारण कोरबा जिला कार्यालय के नये सभाकक्ष में किया गया, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम को एक साथ देखा एवं सुना। कार्यक्रम में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ हमारे राष्ट्र की आत्मा का स्वर है। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के मन में स्वाभिमान, साहस और संघर्ष की ज्योति जगाने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति आदर, सम्मान और भावनात्मक एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर, स्वाधीनता संग्राम और राष्ट्रीय मूल्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस दौरान सभागार में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने एक साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। सामूहिक स्वर में गूँजते ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से सम्पूर्ण वातावरण देशभक्ति और उत्साह की भावना से भर उठा।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्‘ की 150वीं वर्षगांठ केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता और मातृभूमि के सम्मान का गौरवशाली प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन महान साहित्यकार एवं स्वतंत्रता आंदोलन के प्रेरणास्रोत बंकिम चंद्र चटर्जी ने रचना की सृजना की थी। यह गीत केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति, भूमि, जल, वन और माँ भारती के रूप का काव्यात्मक चित्रण है। विधायक ने यह भी कहा कि जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में उल्लेख किया, ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति, साहस और स्वाभिमान का संचार किया। यह गीत आज भी हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को याद दिलाते हुए एकता और समरसता की भावना को मजबूत करता है।
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्‘ स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज़ादी के अमृतकाल तक, हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल स्वतंत्रता सेनानियों को ही नहीं, बल्कि आज भी देश के प्रत्येक नागरिक में मातृभूमि के प्रति समर्पण, साहस और गौरव की भावना जगाता है।