कोरबा जिले के एसईसीएल की मानिकपुर रेलवे साइडिंग पर शनिवार को कोयला परिवहन के दौरान एक बड़ा रेल हादसा टल गया। रेलवे की सेकेंड एंट्री लाइन पर कोयले से भरी मालगाड़ी का एक डिब्बा अचानक पटरी से उतर गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कोयला लोडिंग और डिस्पैच का कार्य लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, मानिकपुर साइडिंग में कोयला लोड होने के बाद मालगाड़ी को पीछे की ओर शंटिंग की जा रही थी। इसी दौरान सेकेंड एंट्री पॉइंट पर एक वैगन का पहिया ट्रैक से उतर गया। राहत की बात यह रही कि डिब्बा पलटा नहीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक के रखरखाव में कमी और पटरियों की लेवलिंग सही नहीं होने के कारण यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि कोयले के अधिक भार के चलते कमजोर ट्रैक पर दबाव बढ़ा और वैगन का पहिया पटरी से उतर गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। रेलवे की एक्सीडेंटल रिलीफ टीम को भी बुलाया गया। विशेष उपकरणों की मदद से करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डिब्बे को दोबारा पटरी पर चढ़ाया गया, जिसके बाद रेल परिचालन सामान्य हो सका।
इस दौरान मानिकपुर साइडिंग पर कोयला लोडिंग पूरी तरह बंद रही और लोडेड रैक भी निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सके। इससे कोयला डिस्पैच प्रभावित हुआ और एसईसीएल को राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। घटना के बाद रेलवे और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ट्रैक की तकनीकी जांच, आवश्यक मरम्मत और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रखरखाव व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शाम तक ट्रैक को पूरी तरह दुरुस्त कर लोडिंग और कोयला परिवहन का कार्य फिर से शुरू कर दिया गया।
कोरबा की एसईसीएल मानिकपुर रेलवे साइडिंग पर कोयले से भरी मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। हादसे के कारण करीब तीन घंटे तक कोयला लोडिंग और डिस्पैच प्रभावित रहा। राहत टीम ने डिब्बे को ट्रैक पर चढ़ाकर परिचालन बहाल किया। रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी है।