जिले में आत्महत्या की दो अलग-अलग घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। कोतवाली थाना अंतर्गत इंद्रानगर दुरपा वार्ड नंबर 5 में 17 वर्षीय अंजली केंवट ने 10वीं बोर्ड की तैयारी के दौरान फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं, उरगा थाना अंतर्गत धमनागुड़ी मोहार गांव में 16 वर्षीय 9वीं की छात्रा गीता महंत ने भी पेड़ से लटककर अपनी जान ले ली। दोनों ही मामलों में पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन आत्महत्या के कारणों का पता लगाना अभी बाकी है।
कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय अंजली केंवट, जो लवली केयर स्कूल में 10वीं की छात्रा थी, परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। मंगलवार सुबह जब उसका छोटा भाई नहाकर घर लौटा तो उसने अंजली को घर के लोहे के एंगल में रस्सी से लटका पाया। उसने तुरंत रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा और अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाई कार्तिक ने बताया कि अंजली की आत्महत्या का कारण समझ से परे है। पुलिस ने बयान दर्ज कर शव का पंचनामा कर लिया है।
दूसरी ओर, उरगा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय गीता महंत ने गांव के पास तालाब के किनारे एक कोसम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि सितंबर माह में गीता की मां की अचानक मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से वह काफी परेशान रहती थी और अजीब हरकतें करती थी। आशंका जताई जा रही है कि मां की मौत के सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने यह खौफनाक कदम उठाया। उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
क्या परीक्षाओं का दबाव?
दोनों ही घटनाओं में किशोरियों की आत्महत्या ने परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में, अभिभावकों और समाज को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों। पुलिस दोनों ही मामलों की गहन जांच कर रही है।