एसईसीएल गेवरा कोयला खदान में सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने खदान परिसर में अवैध रूप से घुसे 12 लोगों को पकड़ा। सभी के खिलाफ दीपका थाना में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया गया।
निरीक्षक श्रद्धा देवांगन माहेश्वरी के नेतृत्व में सीआईएसएफ टीम ने खदान क्षेत्र में औचक जांच अभियान चलाया। यह जांच बी-2, ओल्ड दीपका और क्यू-कोल स्टॉक क्षेत्रों में केंद्रित रही। निरीक्षण में 12 व्यक्ति खदान परिसर में संदिग्ध हालत में घूमते मिले।
पूछताछ में वे वैध पास या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। बिना अनुमति प्रवेश सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। खुले मुहाने की खदान में बाहरी लोगों का प्रवेश जानलेवा हो सकता है। इससे हादसे और कोयला चोरी का खतरा बना रहता है। सीआईएसएफ ने सभी 12 लोगों को हिरासत में लेकर दीपका थाना पुलिस को सौंपा। पुलिस उनके मकसद के बारे में पूछताछ कर रही है।
गेवरा खदान देश की सबसे बड़ी ओपनकास्ट कोयला खदानों में से एक है। यहां अवैध प्रवेश और चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। कोयला चोरी, स्क्रैप चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधि की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचन्द्र साहू ने बताया कि सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है।
एसईसीएल गेवरा प्रबंधन घटना के बाद सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने खदान सुरक्षा से समझौता न करने की बात कही है। अवैध प्रवेश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीआईएसएफ ने गश्त, औचक निरीक्षण और सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों से बिना अनुमति खदान क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील है। पकड़े गए लोगों में जय प्रकाश कुमार, उत्कर्ष कुमार, पंकज त्रिपाठी, अमृत लाल यादव, मोहन गुप्ता, योगेंद्र साह, विनय पाटले, प्रवीण पटेल, महेश कुमार, विनोद कुमार, रवींद्र नाथ तिवारी, शेषनाथ कुमार और राज कुमार शामिल हैं।