सरगुजा जिले के उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ में भारी आक्रोश है। संघ ने आज एक तारीख से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बीती 27 मई को नायब तहसीलदार/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट, अभद्रता की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। घटना को संघ ने अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 29 मई को को प्रदेशव्यापी सांकेतिक अवकाश लिया था। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए संघ ने शासन-प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
इसके विरोध में कोरबा में भी संघ का कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे प्रदेश के राजस्व अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों में गहरा आक्रोश, असुरक्षा और निराशा का माहौल है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फील्ड में काम के दौरान उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता।इसे लेकर कोरबा में कलेक्टर कुणाल दुदावत को ज्ञापन सौपा गया।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की सभी जिला कार्यकारिणियों के प्रस्ताव के अनुसार , आज एक जून से प्रदेश के समस्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद एवं सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघ ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत करा दिया है।
अगर 1 जून से राजस्व अधिकारी हड़ताल पर जाते हैं तो नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र समेत आम जनता से जुड़े सैकड़ों काम ठप हो जाएंगे। किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। संघ पहले भी चेतावनी दे चुका है। लेकिन कार्रवाई न होने से अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया है। शासन पर अब दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है।