फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरबा: ओपन ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन, श्रमिकों को संसाधन और धनराशि के दिए गए चेक

Wed, 18 Feb 2026 07:30 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ओपन ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
korba
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरबा में श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ओपन ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां पर योजनाओं के तहत श्रमिकों को संसाधन और धनराशि के चेक दिए गए।

विज्ञापन


नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत के सहित कई जन्म प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल रहे। सरकार के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि थे। औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया और इसके पश्चात लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक इस कार्यक्रम का हिस्सा बने जिन्हें पैरामीटर के तहत कुछ सामान दिए गए। चेक का वितरण भी किया गया। श्रम मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाने हैं। विविध योजनाओं से श्रमिकों को लाभान्वित करने की कोशिश जारी है। इसी के तहत श्रमिकों को चेक प्रदान किया गया और उन्हें विभिन्न योजना के बारे में जानकारी दी गई।इस कार्यक्रम में अलग-अलग श्रमिक ने काफी संख्या में हिस्सा लिया।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग के द्वारा लगभग योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिसके तहत श्रमिकों को उसका लाभ दिया जा रहा है योजनाओं को लेकर बृहद रूप से प्रचार प्रसार किया जा रहा है और सभी जिलों में श्रम सम्मेलन आयोजन करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं।
विज्ञापन


मंत्री ने बताया कि श्रम योजना के तहत श्रमिक के जो बच्चे हैं उन्हें पढ़ाई के लिए विशेष सुविधा प्रदान की जा रही है।श्रमिक के बच्चे अगर विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो उन्हें 50 लाख तक देने की योजना है वही एक श्रमिक बच्चों के लिए विशेष पढ़ाई और कोचिंग के भी योजना तैयार की गई है। अब तक विभिन्न अलग-अलग योजना के तहत दो साल में 800 करोड़ श्रमिकों के खाते में डाले जा चुके है।

मंत्री ने बताया कि पहले श्रमिकों को सामान का वितरण किया जाता था। जिसमें भ्रष्टाचार का बू आने लगा था इसे इसे देखते हुए अब सीधा हितग्राहियों के खाते में पैसा को डाला जा रहा है ताकि कोई भी गरीब या हितग्राहियों के पैसे को ना खा सके।

 

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें