कोहड़ा जिसे कद्दू भी कहा जाता है, उसका फूल इन दिनों बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बाजार में प्रचुर मात्रा में बिक रहा है। चमकीले पीले रंग का यह फूल न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर भी है। इसमें विटामिन A, C, फोलेट, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने, पाचन तंत्र को मजबूत करने, हड्डियों को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें पाया जाने वाला विटामिन A और C आंखों की रोशनी सुधारने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। वहीं, इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और पेट साफ करने में लाभकारी होता है। यह कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है और उच्च रक्तचाप के खतरे को कम करने में मदद करता है।
ग्राम केवड़ाशिला से प्रतिदिन रामानुजगंज बाजार में कोहड़ा का फूल बेचने आने वाले बिट्टू मंडल ने बताया कि यह फूल रात में खिलता है और सुबह के नम मौसम में पूरी तरह खिला रहता है। लेकिन जैसे-जैसे धूप तेज होती है, यह मुरझाने लगता है, इसलिए इसे सुबह-सुबह बेचा जाता है। उन्होंने बताया कि जो लोग एक बार कोहड़ा के फूल की पकौड़ी खा लेते हैं, वे दोबारा जरूर इसे खरीदने आते हैं क्योंकि इसकी पकौड़ी बहुत स्वादिष्ट होती है।
कोहड़ा के फूल का सबसे ज्यादा उपयोग पकौड़ी बनाने में होता है। इसे बेसन में लपेटकर तलकर पकौड़ी तैयार की जाती है। इसके अलावा इसे अन्य व्यंजनों और विभिन्न सूप बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।