कांकेर बिते एक सप्ताह से क्षेत्र में बारिश होने के चलते क्षेत्र के कई नदी नाले उफान पर हैं जिले के आमाबेड़ा तहसील अंतर्गत 23 पंचायतें आते हैं इनमे से लगभग सात पंचायत के लोगों का तहसील, ब्लाक एवं जिला मुख्यालय से लगभग सम्पर्क टुट चुका है।
कांकेर बिते एक सप्ताह से क्षेत्र में बारिश होने के चलते क्षेत्र के कई नदी नाले उफान पर हैं जिले के आमाबेड़ा तहसील अंतर्गत 23 पंचायतें आते हैं इनमे से लगभग सात पंचायत के लोगों का तहसील, ब्लाक एवं जिला मुख्यालय से लगभग सम्पर्क टुट चुका है। आमाबेड़ा से नारायणपुर को जोड़ने वाली सड़क लग भग ढाई तीन साल पुर्व बन चुकी है परन्तु रास्ते में पड़ने वाले कोटकोडो़ नाला, खुर्सई नाला जिसमें अब तक पुल पुलिया नहीं बन पाया है।
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लोग लकड़ी का रपटा बना कर पार किया करते थे लेकिन लगातार पानी बारिश होने के चलते दोनों नालों के रपटे बह चुके हैं जिसके चलते ग्राम पंचायत मातला ब, आलानार, बंडापाल, करमरी, देवगांव,गवाडी पंचायतों का तहसील, ब्लाक एवं जिला मुख्यालय से सम्पर्क टुट चुका है। कुछ युवक आवश्यक काम पड़ने पर एवं सरकारी कार्यों के लिए उन्हें तहसील ब्लाक एवं जिला मुख्यालय तक पहुंचना होता है तो वे अपना जान जोखिम में डालकर नदी नाले को पार करते हैं अपने सायकल मोटर साइकिल को लकड़ी के सहारे दो चार लोग मिलकर कंधे से उठा कर पार करते हैं।
इस सम्बन्ध में नदी पार कर रहे युवक रत्तुराम कावडे़ मातला ब एवं दुकलु कावडे पालरमेटा ने कहा कि लगातार हो रहे बारिश के चलते कोटकोडो नाले पर बने रपटा जिसे स्थानीय लोगों के मदद से बनाया गया था वह बह चुका है जिसके चलते नदी पार करने में काफी परेशानी होती है इसी तरह दो चार लोग मिलकर सायकल मोटर साइकिल को लकड़ी के सहारे कंधे पर उठाकर पार करते हैं, हमेशा डर बना रहता है अगर कहीं पैर फिसल गया तो सिधे नाले में बहने का खतरा बना रहता है, पानी बारिश को देखते हुए पढ़ने वाले बच्चों को भी पिछले चार पांच दिनों से स्कुल जाने मन कर दिए हैं।
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आगे ग्रामीण रत्तुराम कावडे़ ने बताया कि इन दोनों नालों कोटकोडो़ एवं कुर्सर्ई नाले में पुल बनाए जाने की मांग दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत बंडापाल में लगाए गए जनचौपाल एवं आमाबेड़ा में आयोजित जनचौपाल में भी किए थे और इसी मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय जिला कांकेर में भी गये थे आवेदन भी दिया गया था परन्तु अब तक शासन प्रशासन के द्वारा इन दोनों नालों पर पुल पुलिया बनाए जाने का कोई भी पहल नहीं किया गया, शासन प्रशासन हमें हमारे हाल में ही छोड़ दिए हैं तहसील, ब्लाक एवं जिला मुख्यालय तक पहुंचने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।