कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के अंदरूनी कंदाड़ी के बालक की इलाज के अभाव में मौत हो गई। माता-पिता उसका इलाज कराने उफनती कोटरी नदी के उस पार नहीं ले जा सके, जिसकी वजह से बालक विजय नुरूटी की मौत हो गई है।
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के अंदरूनी कंदाड़ी के बालक की इलाज के अभाव में मौत हो गई। माता-पिता उसका इलाज कराने उफनती कोटरी नदी के उस पार नहीं ले जा सके, जिसकी वजह से बालक विजय नुरूटी की मौत हो गई है।
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कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत कंदाड़ी के आश्रित ग्राम आलदंड के 8 वर्षीय बालक विजय नुरेटी को 19 अगस्त की रात तेज बुखार आने लगा। इलाके में स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से परिजन घरेलू उपचार करते रहे। 20 अगस्त तक बुखार नहीं उतरा तो पिता व परिजन उसे ईलाज के लिए बांदे अस्पताल ले जाने रवाना हुए। रास्ते में कोटरी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से नदी उफान पर होने से नाव भी नहीं चल पा रही है। बालक को उचित इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई।
कोटरी नदी के उस पार सितरम में अस्पताल जरूर है, लेकिन वहां विभाग का कोई स्टाफ नहीं है। नदी के उस पार दो ग्राम पंचायत कंदाड़ी व सितरम है। सितरम में उप स्वास्थ्य केंद्र है। नदी इस पार के दोनों ग्राम पंचायत के 10 आश्रित गांव इसी उप स्वास्थ्य केंद्र के भरोसे हैं। पिता ने एक बार सितरम तक बालक को ले जाने कोशिश की, लेकिन वहां कोई स्टाफ ही नहीं था।
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पांच साल पहले दो पुल स्वीकृत, काम शुरू नहीं
कोटरी नदी के उस पार के दो ग्राम पंचायत कंदाड़ी व सितरम को जोड़ने पांच साल पहले कंदाड़ी व बेठिया के बीच व मरबेड़ा में दो पुल स्वीकृत हुए थे। पुल की लागत 9-9 करोड़ रूपए है। पुल स्वीकृत होने के दो साल बाद मरबेड़ा में पुल का काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद बंद हो गया। ठेकेदार वापस ही नहीं आया। कंदाड़ी व बेठिया के बीच पुल का कार्य अब तक शुरू ही नहीं हुआ है।
बच्चे के मौत की कोई सूचना नहीं
बीएमओ कोयलीबेड़ा संजीव वैष्णव ने कहा सितरम क्षेत्र में किसी बच्चे की मौत की सूचना नहीं है। वहां के लोगों की तबीयत खराब होने की भी कोई सूचना नहीं है। सितरम में एएनएम पदस्थ है। वर्तमान में उनकी हड़ताल चल रही है इस कारण क्षेत्र में नहीं रही होगी।