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कांकेर: अधिक दर में खाद बिक्री पर कृषि विभाग की कार्रवाई, किसानों को 266 रुपए में दिलाई खाद

Tue, 22 Jul 2025 05:36 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर

सार

कांकेर में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए नरहरपुर ब्लॉक के कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
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कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांकेर में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए नरहरपुर ब्लॉक के कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम सरोना स्थित नाग कृषि केंद्र के विक्रेता टिकेश नाग द्वारा किसानों से सरकारी दर 266 रुपए प्रति बोरी की जगह 1000 रुपए में यूरिया खाद बेचने की शिकायत पर कृषि विभाग ने तत्काल छापा मारकर कार्रवाई की।

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किसानों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
जीवन साहू, खमन नेताम, बच्चन यादव, रमेश मरकाम, बेदू कश्यप सहित कई किसानों ने उच्च कृषि संचालक अधिकारी को शिकायत दी थी कि टिकेश नाग सरकारी दरों को ठेंगा दिखाकर किसानों को चार गुना कीमत पर यूरिया बेच रहा है। सूचना मिलते ही कृषि अधिकारी दिनेश कुजाम और कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप कुजाम मौके पर पहुंचे और किसानों को सरकारी दर ₹266 प्रति बोरी पर खाद उपलब्ध कराई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को कृषि विभाग की जिला स्तरीय टीम ने नाग कृषि केंद्र में निरीक्षण करने पहुंचे निरीक्षण के दौरान दौरान 1260 बोरी यूरिया खाद दुकान में पाई गई। एवं कृषि अधिकारियों ने कई किसानों को सरकारी दर पर खाद दिलाई रात अधिक होने के चलते   कृषि विस्तार अधिकारी को निर्देश दिया  कि, रविवार को किसानों को सरकारी दर पर खाद दिलाए परंतु दुकान बंद रही। 
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दुकानदार ने अपनी पत्नी की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अस्पताल जाने का बहाना बनाया, जिसके चलते रविवार एवं सोमवार को किसानों को खाद नहीं दिया गया आज  मंगलवार को दुकानदार के लौटने के बाद नरहरपुर ब्लॉक की कृषि विभाग की टीम और क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी ने नाग कृषि केंद्र, सरोना मैं पहुंच कर किसानों को तत्काल सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराई गई। 

अधिकारियों के अनुसार,  यूरिया खाद दुकान में अधिक मात्रा में मौजूद थी, लेकिन मंगलवार को  200 से अधिक किसानों को प्रति  दो  बोरी के हिसाब से सरकारी दर पर किसानों को  खाद वितरित की गईं। शेष खाद कहां गई, इसका पता लगाने के लिए कृषि विभाग जांच शुरू कर चुका है। किसानों ने मांग की है कि टिकेश नाग के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य विक्रेता इस प्रकार की कालाबाजारी न कर सके।

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