छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला कोर्ट ने गांजा के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। यूपी के दो गांजा तस्करों को 15-15 साल का कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला 2021 का है, एमपी-सीजी बॉर्डर के चिल्फी थाना पुलिस ने पानी टैंकर से 298 किलो गांजा सप्लाई करते गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस स्पेशल कोर्ट में दो साल बाद केस का फैसला आया। रायपुर से पानी टैंकर में 298.730 किलो गांजा लेकर दोनों तस्कर उत्तर प्रदेश के झांसी जा रहे थे।
आरोपी दिनेश पिता टिल्लू बढ़ई (27) ग्राम इमलिया जिला झांसी (उप्र) और नंदराम पिता बाबूलाल बढ़ई (25) ग्राम चंदौली जिला झांसी (उप्र) के रहने वाले हैं। ये दोनों बिना नंबर वाले पानी टैंकर में रायपुर से 298 किलो 730 ग्राम गांजा को टैंकर के अंदर छिपाकर ला रहे थे। इसे झांसी (उप्र) में खपाया जाना था। नेशनल हाइवे 30 पर छत्तीसगढ़ - मध्यप्रदेश सीमा पर तैनात चिल्फी पुलिस ने ट्रैक्टर टैंकर को चेकिंग के लिए रोका। तलाशी लेने पर टैंकर के भीतर 32 पैकेटों में गांजा बरामद किया था। गांजे की कीमत 60.26 लाख रुपए बताई गई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने की ये टिप्पणी
अंतिम सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले में टिप्पणी भी की है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा है कि वर्तमान समय में बढ़ती हुई नशे की प्रवृत्ति, उससे उत्पन्न होने वाले अपराधों और ऐसे अपराधों का बड़ा सामाजिक दुष्प्रभाव को देखते हुए आरोपियों को दंडित किया जाना जरूरी है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) (आईआई) (सी) के तहत आरोपियों को 15- 15 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही डेढ़-डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी।