छत्तीसगढ़ में इसी माह जिले के सभी पंचायत और निकाय में चुनाव होने है। इस चुनाव की ड्यूटी को लेकर शिक्षक नाराज है। यहीं कारण है कि छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में कलेक्टर गोपाल वर्मा से मुलाकात कर मतदान दलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है।
चर्चा के दौरान एसोसिएशन जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षकों की मतदान दल में ड्यूटी इस प्रकार लगाया जाए कि कोई भी शिक्षक अपने मताधिकार से वंचित न हो। कई शिक्षक का नगरीय निकाय के साथ ही पंचायत निर्वाचन अर्थात दोनों चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है।
दोनों चुनाव की प्रक्रिया अलग-अलग है। अर्थात एक का चुनाव बैलट पेपर से तो दूसरे का ईवीएम मशीन से होना है। अतः ऐसे शिक्षकों को दोनों में से किसी एक निर्वाचन के मतदान दल से मुक्त किया जाए। दिव्यांग, गंभीर बिमारी से पीड़ित, 60 साल से अधिक उम्र के शिक्षक, गर्भवती महिला एवं तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाले महिला शिक्षकों को निर्वाचन कार्य से मुक्त किया जाए।
पंचायत निर्वाचन में मतदान केंद्र में ही मतपत्र की गणना की जाती है। ऐसे में मतदान केंद्रों में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था किया जाए। ताकि गणना के समय अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। मतदान दलों के लिए मतदान केंद्रों में मूलभूत सुविधा फर्नीचर, शुद्ध पेयजल, महिला कर्मचारियों के लिए पृथक शौचालय और शयन कक्ष, भोजन बनाने रसोईया और भोजन सामग्री, शयन के लिए गद्दा, तकिया आदि की व्यवस्था किया जाए।
कलेक्टर ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि कर्मचारियों-अधिकारियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। समस्याओं की गंभीरता का परीक्षण कर कुछ शिक्षकों को मतदान दल से मुक्त भी किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षकों ने बताया कि इसी माह नौ फरवरी को सीजीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा व नगरीय निकाय मतदान के ठीक दूसरे दिन 12 फरवरी को मतदान दल के अधिकारियों का चुनाव प्रशिक्षण रखा गया है, जिसे संशोधित किए जाने की जरूरत है।