कवर्धा के गिरधारीकापा में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान 22.60 लाख रुपये के चेक देकर भुगतान दर्शाए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कबीरधाम जिले के कवर्धा में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान लाखों रुपये के चेक देकर भुगतान दर्शाने और बाद में भुगतान को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम गिरधारीकापा निवासी मनकी राम भास्कर की शिकायत पर दामापुर पुलिस ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री के लिए कुल 22 लाख 60 हजार रुपये के चेक दिए गए थे। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
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22.60 लाख रुपये के चेक देकर कराई गई रजिस्ट्री
पुलिस के मुताबिक मनकी राम भास्कर ने 14 सितंबर 2026 को चौकी दामापुर में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आरोपियों ने आईडीएफसी बैंक के चेक दिए थे। चेक में लाखों रुपये की राशि अंकित थी और इन्हीं के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 29/9 की 0.6150 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री 1 जुलाई 2026 को हुई थी। इसके लिए 12 लाख 30 हजार रुपये का चेक दिया गया था।
वहीं खसरा नंबर 51/05 और 52/01 की क्रमशः 0.2590 और 0.1910 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री 19 फरवरी 2026 को कराई गई थी। इसके लिए 10 लाख 30 हजार रुपये का चेक दिया गया। दोनों चेकों की कुल राशि 22 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है।
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बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय से जुटाए दस्तावेज
शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस दौरान जमीन और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। पुलिस ने संबंधित बैंक से चेक और खातों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई। इसके अलावा पंडरिया उप पंजीयक कार्यालय के अभिलेखों की जांच कर रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच के बाद करन कुमार टंडन, किशन कुमार टंडन और बलीराम टंडन, सभी निवासी ग्राम गिरधारीकापा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में बैंक रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।