करीब चार साल पहले चिल्फी घाटी में हुए ट्रक हादसे के पीछे 33.290 मीट्रिक टन स्क्रैप लोहे के कबाड़ में कथित हेराफेरी की साजिश का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में वर्ष 2022 से फरार चल रहे आरोपी पवन राजपूत (33) को चिल्फी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है।
पुलिस टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कबीरधाम लेकर पहुंची और न्यायालय कवर्धा में पेश किया। पूछताछ के बाद आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया।
रोहतक से ओडिशा जा रहा था 33.290 मीट्रिक टन स्क्रैप
पुलिस के मुताबिक घटना 30 अगस्त 2022 की है। ट्रक क्रमांक आरजे-05-जीबी/5730 में हरियाणा के रोहतक से 33.290 मीट्रिक टन स्क्रैप लोहे का कबाड़ लोड किया गया था। ट्रक चालक धर्मेंद्र कुमार इस माल को लेकर ओडिशा के कलिंगा नगर के लिए रवाना हुआ था। करीब तीन दिन बाद ट्रक चिल्फी घाटी की खाई में दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिला।
हादसे के बाद जब ट्रक में लोड स्क्रैप की जांच की गई तो उसकी पूरी मात्रा मौके पर नहीं मिली। इसके बाद डालसन कंपनी के मालिक की शिकायत पर चिल्फी थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
ट्रक को खाई में गिराकर कबाड़ बेचने की थी कथित योजना
पुलिस की विवेचना के दौरान आरोप सामने आया कि हिमांशु राजपूत, रमाकांत उर्फ मोनू पांडे, धर्मेंद्र कुमार, भगवान सिंह और पवन राजपूत ने कथित तौर पर आपस में साजिश कर ट्रक को चिल्फी घाटी की खाई में गिराने और उसमें लदे स्क्रैप को बेचने की योजना बनाई थी। मामले में पुलिस ने वर्ष 2022 में हिमांशु राजपूत और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। वहीं अन्य आरोपी फरार चल रहे थे।
मथुरा में किराए के ठिकाने पर पुलिस ने दी दबिश
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान चिल्फी पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची। पुलिस ने मथुरा के जनकपुरी, महोली रोड स्थित एक ठिकाने पर दबिश देकर आरोपी पवन राजपूत को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को आरोपी को मथुरा न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद उसे कबीरधाम लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल की गई। पूछताछ और मेमोरेण्डम की कार्रवाई पूरी करने के बाद 18 सितंबर 2026 को आरोपी को फिर न्यायालय में पेश किया गया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं और स्क्रैप की कथित हेराफेरी में आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।