सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले फिर सक्रिय हो गए हैं। इस बार बोड़ला थाना क्षेत्र के एक फुटबॉल खिलाड़ी से खेल प्रशिक्षक (कोच) की नौकरी दिलाने के नाम पर 1.30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपी ने युवक को व्हाट्सएप पर फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजकर सुकमा में पदस्थापना का दावा किया, लेकिन वहां पहुंचते ही पूरा खेल उजागर हो गया।
पीड़ित जुगेश्वर कुमार साहू ने बताया कि उसकी पहचान करीब डेढ़ साल पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान कलिंदर मिंज से हुई थी। दोनों साथ में गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में भी शामिल हुए थे, जिससे आपसी विश्वास बढ़ गया।इसी परिचय का फायदा उठाते हुए आरोपी कलिंदर मिंज ने नवंबर 2025 में खेल विभाग में कोच की भर्ती निकलने की जानकारी दी और नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। उसने आवेदन पत्र भरवाने के साथ शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य प्रमाण-पत्र भी अपने पास ले लिए। बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 1.30 लाख रुपये ले लिए गए।
हैरानी की बात यह रही कि न तो युवक की कोई लिखित परीक्षा हुई, न इंटरव्यू लिया गया और न ही दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। इसके बावजूद 10 जून को उसके मोबाइल पर सुकमा पदस्थापना का कथित जॉइनिंग लेटर भेज दिया गया। आरोपी लगातार 20 से 30 जून के बीच जॉइनिंग करने का दबाव बनाता रहा।
जब पीड़ित ने नियुक्ति पत्र की हार्ड कॉपी मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर युवक सुकमा पहुंचा, जहां खेल विभाग के अधिकारियों ने पहली नजर में ही दस्तावेज को फर्जी करार दे दिया। इसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। शिकायत के बाद बोड़ला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की भूमिका के साथ यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो सरकारी नौकरी के नाम पर युवाओं को अपना शिकार बना रहा है।