राजधानी रायपुर के ग्राम नकटी में करीब 85 से ज्यादा मकानों को तोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा ने शहर के सिग्नल चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर बरसात के मौसम में गरीब परिवारों को बेघर करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षाकाल के बीच प्रशासनिक कार्रवाई कर 85 परिवारों के आशियाने उजाड़ देना अमानवीय कदम है। उनका आरोप था कि सरकार ने बिना मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखे ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर कर दिया है। कांग्रेस ने इसे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक ग्राम नकटी के लोगों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्रशासन तत्काल प्रभावित परिवारों के रहने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करे। साथ ही जिन लोगों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रदर्शन के दौरान सिग्नल चौक पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद रहा, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। पुतला दहन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कांग्रेस का कहना है कि बरसात के मौसम में किसी भी परिवार को बेघर करना सामाजिक और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने राज्य सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने और ग्राम नकटी के प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल राहत एवं न्याय प्रदान करने की मांग की है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर जिले की राजनीति भी गरमा गई है और आने वाले दिनों में इसे लेकर आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
कवर्धा के सिग्नल चौक में प्रदर्शन किया गया है
कवर्धा के सिग्नल चौक में प्रदर्शन किया गया है