कवर्धा शहर में तेज आवाज निकालने वाले बुलेट और अन्य वाहनों के मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 10 वाहनों में नियमों के विपरीत लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए और बाद में उन्हें जेसीबी मशीन से कुचलकर नष्ट कर दिया गया।पुलिस का कहना है कि यह अभियान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करने और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शहर में विशेष वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया गया।कवर्धा एसडीओपी आशीष शुक्ला, थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप तथा कोतवाली पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर जांच की। जांच के दौरान 10 वाहनों में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए गए। संबंधित वाहनों को थाना कोतवाली लाया गया, जहां वाहन मालिकों की मौजूदगी में साइलेंसर निकलवाए गए।पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए भविष्य में दोबारा ऐसे साइलेंसर का उपयोग नहीं करने की सख्त चेतावनी भी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों से छेड़छाड़ करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन भी प्रभावित होता है।
बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों को होती है परेशानी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली अत्यधिक तेज आवाज आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है। विशेष रूप से बुजुर्ग, मरीज और पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा यह ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देता है और सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी उचित नहीं माना जाता।
जेसीबी से कुचलकर दिया सख्त संदेश
अभियान के दौरान जब्त किए गए 10 मॉडिफाइड साइलेंसरों को थाना परिसर में एकत्र किया गया और बाद में जेसीबी मशीन के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से वाहन चालकों के बीच स्पष्ट संदेश जाएगा कि नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लगातार जारी रहेगा अभियान
एसडीओपी आशीष शुक्ला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोतवाली और यातायात पुलिस संयुक्त रूप से अभियान संचालित कर रही है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में केवल कंपनी द्वारा निर्धारित मानक उपकरणों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। वहीं, नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा गया है कि यदि कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों का संचालन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Photo Title- फोटो : credit
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