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Kabirdham News: जनगणना ड्यूटी स्थल में बदलाव से शिक्षकों में आक्रोश, कलेक्टर से की शिकायत

Thu, 30 Apr 2026 07:01 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम

सार

कवर्धा में जनगणना-2027 के प्रगणक ड्यूटी स्थल अचानक बदले जाने से शिक्षकों में आक्रोश है। छग टीचर्स एसोसिएशन ने कलेक्टर से मुलाकात कर मूल ड्यूटी स्थल बहाल करने की मांग की। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाधान का भरोसा दिया।
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शिक्षकों ने कलेक्टर से मुलाकात की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कवर्धा में जनगणना-2027 के प्रगणक ड्यूटी स्थल में अचानक बदलाव से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। छग टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर गोपाल वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने कई शिक्षकों के ड्यूटी स्थल में रातों-रात बदलाव पर आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल संशोधन की मांग की है।

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एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि तहसीलदार कवर्धा ने 11 अप्रैल को प्रगणक नियुक्ति पत्र जारी किए थे। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवारीगुड़ा के शिक्षक उमेश चंद्रवंशी की ड्यूटी ग्राम नेवारीगुड़ा में लगाई गई थी। उमेश ने मकान सूचीकरण और गणना का प्रारंभिक कार्य भी पूरा कर लिया था। लेकिन 29 अप्रैल को उनकी ड्यूटी लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित ग्राम रामहेपुर खुर्द में बदल दी गई। इसी तरह, शासकीय प्राथमिक शाला सिंघनपुरी के सहायक शिक्षक रामशरण वर्मा की ड्यूटी सिंघनपुरी में थी। उन्होंने भी कार्य प्रारंभ कर दिया था, पर 29 अप्रैल को उनकी ड्यूटी सात किलोमीटर दूर सूखाताल में स्थानांतरित कर दी गई। एसोसिएशन ने इन शिक्षकों की ड्यूटी 11 अप्रैल को जारी मूल स्थल पर ही रखने की मांग की। कलेक्टर ने इस मसले को गंभीरता से लिया और यथावत रखने का भरोसा दिया है।

एसोसिएशन की टीम ने कलेक्टर से मिलने से पहले तहसीलदार परमेश्वर मंडावी से संपर्क किया था। तहसीलदार कार्यालय में नहीं मिले और टेलीफोन पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद, उन्होंने एसडीएम चेतन साहू से भी मुलाकात की। लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं मिलने पर अंततः कलेक्टर से मिलना पड़ा।
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शिक्षकों का कहना है कि उन्हें ड्यूटी करने में कोई आपत्ति नहीं है। वे निर्धारित ग्राम में अपना कार्य पहले ही शुरू कर चुके हैं। कार्य प्रारंभ करने के बाद ड्यूटी स्थान में अचानक बदलाव करना अनुचित है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के नाम पर शिक्षकों को परेशान करने से उनका आक्रोश बढ़ रहा है। समय रहते इन मुद्दों का समाधान न होने पर शिक्षक कठोर कदम उठाने को बाध्य हो सकते हैं।

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