कबीरधाम जिले में पत्नी की हत्या को हादसा दिखाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जिला अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह करीब डेढ़ साल पुराना सनसनीखेज मामला था।
घटना 21 अगस्त 2024 की सुबह ग्राम लालपुर कला में सामने आई थी। चंद्रकांता बर्मन (23) अपने कमरे में मृत मिली थी। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो उसे पलंग पर बिजली बोर्ड गिरा हुआ मिला। शुरुआती तौर पर इसे करंट लगने से मौत का अंदेशा हुआ।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण बिजली करंट बताया गया। हालांकि, संदिग्ध परिस्थितियों के चलते पुलिस ने पति धनुक बर्मन (22) से गहन पूछताछ की। पूछताछ में धनुक टूट गया और उसने अपनी पूरी साजिश उजागर कर दी।
जांच में सामने आया कि दोनों ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही उनके रिश्ते में तनाव था। धनुक अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। 20 अगस्त की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद उसने चंद्रकांता की हत्या की योजना बनाई।
रात करीब 2 बजे धनुक ने गहरी नींद में सो रही पत्नी के पैरों में बिजली करंट प्रवाहित किया और उसका गला भी दबाया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए उसने कमरे में वायर और बिजली बोर्ड फैलाकर बाहर से दरवाजा बंद करने का नाटक किया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर 2 सितंबर 2024 को धनुक को गिरफ्तार किया। 29 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए बीएनएस की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, उसे अन्य धाराओं में कुल 10 वर्ष सश्रम कारावास और 4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, जिसकी सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।