नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद रविवार देर रात कवर्धा शहर में उत्सव का माहौल रहा। स्थानीय विधायक व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री गृह मंत्री विजय शर्मा अपने गृह नगर पहुंचे। उनके आगमन पर महामाया चौक में भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
हजारों की भीड़ ने बाजा-गाजा और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान विजय शर्मा को लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया गया। यह जनभावनाओं और प्रेम का अनूठा प्रतीक बना। सभा को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने जनता के अपार स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या अत्यंत संवेदनशील विषय रही है। इसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। नक्सलियों का उद्देश्य बंदूक के बल पर सत्ता स्थापित करना था। भारत का लोकतंत्र मजबूत और प्राचीन परंपराओं पर आधारित है।
विजय शर्मा ने बताया कि भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर हथियार थमाए गए। स्कूल, सड़क, तालाब जैसे विकास कार्यों को भी निशाना बनाया गया। निर्दोष ग्रामीणों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों पर हमले मानवता के खिलाफ अपराध थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था। यह संकल्प अब पूरा हो चुका है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों, स्थानीय जनता और राजनीतिक नेतृत्व को दिया। मीडिया और बस्तरवासियों के सामूहिक प्रयासों को भी सराहा गया। आज बस्तर में भय का माहौल समाप्त हो चुका है। गांवों में खुशहाली है और बाजारों में रौनक लौट आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हुआ।