महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिले ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने कई अहम पैरामीटर्स पर शीर्ष स्थान हासिल करते हुए प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इसके तहत डबरी निर्माण, नए तालाब, कच्ची नालियां, पुराने तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संरक्षण कार्य कराए गए। साथ ही कुक्कुट पालन शेड और पशुपालन शेड जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई, जिससे ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। एक लाख 42 हजार 482 ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। समावेशी विकास की दिशा में भी उल्लेखनीय काम किया है। जिले में 2 हजार 538 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। योजना के तहत मजदूरों को 124 करोड़ 53 लाख 46 हजार रुपए की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान की गई। मजदूरी भुगतान के मामले में भी जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा। समय पर भुगतान से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
मनरेगा के तहत काम करते ग्रामीण