कबीरधाम शुक्रवार को कबीरधाम जिला न्यायालय ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय-विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) कवर्धा, योगिता विनय वासनिक की अदालत ने आरोपी मोहम्मद शमीम को 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला 19 फरवरी 2024 को हुई एक घटना से संबंधित है, जब एमपी-सीजी बॉर्डर के चिल्फी थाना पुलिस ने एक ट्रक से 334 किलो से अधिक गांजा जब्त किया था।
तस्कर को ओड़िशा से उत्तर प्रदेश ले जाते पकड़ा था
पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद शमीम (44 वर्ष), निवासी एटा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ओड़िशा से गांजा छुपाकर ट्रक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के इटावा ले जा रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की। अदालत में करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद यह अंतिम फैसला आया है।
न्यायालय का विस्तृत निर्णय
न्यायालय ने अपने फैसले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 32 बी के प्रावधानों का उल्लेख किया, जिसमें न्यूनतम दंड से उच्चतर दंड अधिरोपित करने के लिए विचारणीय बातों का वर्णन है। जब्त किए गए गांजे की कुल मात्रा 334.640 किलोग्राम थी। अदालत ने माना कि इस मामले में न्यूनतम दंड या केवल अभिरक्षा अवधि के आधार पर सजा देना उचित नहीं होगा। प्रकरण की परिस्थितियों और जब्त गांजे की भारी मात्रा को ध्यान में रखते हुए, अभियुक्त को धारा-20 (बी) (ii) (सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया गया।
सजा का प्रावधान
अदालत ने मोहम्मद शमीम को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, उस पर एक लाख पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यदि आरोपी यह अर्थदंड अदा नहीं कर पाता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक सख्त संदेश देता है।