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कबीरधाम: कवर्धा पुलिस के आरक्षक अभिषेक लकड़ा बर्खास्त, कदाचार पर पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्रवाई

Fri, 30 Jan 2026 04:49 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम

सार

कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने गंभीर कदाचार के आरोप में आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई वर्दी की गरिमा को बनाए रखने और पुलिस विभाग में अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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एसपी कार्यालय कबीरधाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने गंभीर कदाचार के आरोप में आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई वर्दी की गरिमा को बनाए रखने और पुलिस विभाग में अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एसपी कार्यालय कवर्धा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक लकड़ा पर सार्वजनिक स्थान पर वर्दी धारण कर शराब सेवन करने, आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार करने और बार-बार अनुशासनहीनता करने जैसे गंभीर आरोप थे।

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विभागीय जांच और आरोप सिद्ध
आरक्षक अभिषेक लकड़ा के विरुद्ध विभागीय जांच निष्पक्ष, नियमसम्मत और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने और बचाव प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया। जांच में यह पूरी तरह सिद्ध हो गया कि आरक्षक लकड़ा ने वर्दी में रहते हुए शराब का सेवन किया और आम राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार किया। यह भी पाया गया कि अपने अल्प सेवाकाल में ही वह बार-बार शराब सेवन, अनाधिकृत अनुपस्थिति और अनुशासनहीन आचरण का दोषी रहा। पूर्व में उसे सात बार निंदा की सजा और दो बार एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड भी दिया गया था, परंतु उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया।

पुलिस विभाग में कदाचार के प्रति शून्य सहनशीलता
कबीरधाम पुलिस द्वारा इस प्रकार के गंभीर कदाचार के मामलों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। इससे पूर्व अनिल मिरज, आदित्य तिवारी और आरक्षक चालक राजेश उपाध्याय को भी विभागीय जांच के बाद बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में शराब सेवन और अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्दी पहनकर जनता के बीच पुलिस की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा समाप्ति जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। भविष्य में भी ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी जो वर्दी की गरिमा से समझौता करते हैं।

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