पुलिस ने 15 मामलों में जब्त 997.827 किलो गांजा नष्ट किया। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 5.10 करोड़ रुपये से अधिक है। बोड़ला, चिल्फी, कवर्धा, पिपरिया और सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्रों के मामलों में जब्त गांजे को नियमानुसार भट्ठी में जलाया गया।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 प्रकरणों में जब्त गांजे को नष्ट कर दिया। ग्राम किशुनगढ़ स्थित विपुल फूड्स (विपुल कृषि फार्म) की भट्ठी में कुल 997.827 किलोग्राम गांजा जलाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत पुलिस ने 5 करोड़ 10 लाख 54 हजार 650 रुपये बताई है। जिला स्तरीय मादक पदार्थ नष्टीकरण समिति की मौजूदगी में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, 26 नवंबर 2025 से 11 अगस्त 2026 के बीच जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में गांजा जब्त किया गया था। इन मामलों में जब्त मादक पदार्थ को नियमानुसार नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान जिला स्तरीय मादक पदार्थ नष्टीकरण समिति के अध्यक्ष एवं कबीरधाम एसपी जितेंद्र कुमार यादव, समिति के सदस्य एएसपी हेमसागर सिदार और जिला आबकारी अधिकारी मुकेश पांडेय मौजूद रहे।
पांच थानों के 15 मामलों में जब्त हुआ था गांजा
गांजे के नष्टीकरण में जिले के पांच थाना क्षेत्रों के मामले शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, चिल्फी थाने के तीन, कवर्धा थाने के छह, सहसपुर लोहारा थाने के दो, पिपरिया थाने के दो और बोड़ला थाने के दो प्रकरणों में जब्त गांजे को नष्ट किया गया। इन मामलों में मादक पदार्थों से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। कुछ मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत भी प्रकरण दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन
नशे के कारोबार पर कार्रवाई जारी
कबीरधाम पुलिस का कहना है कि गांजा, अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जब्त मादक पदार्थों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्टीकरण भी इसी अभियान का हिस्सा है।
पुलिस ने युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।