अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा सोमवार को शुरू हुई। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 600 श्रद्धालु पैदल रवाना हुए। छह दिन बाद 16 अगस्त को भोरमदेव पहुंचकर भगवान शिव का नर्मदा जल से जलाभिषेक करेंगे।
मां नर्मदा की नगरी अमरकंटक से ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा का आयोजन लगातार दूसरे वर्ष किया जा रहा है। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में सोमवार को करीब 600 श्रद्धालु कांवड़ लेकर पैदल यात्रा पर रवाना हुए। यात्रा का समापन 16 अगस्त को कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर में भगवान शिव के नर्मदा जल से जलाभिषेक के साथ होगा। इस यात्रा में वनांचल क्षेत्र के 15 बैगा युवाओं की भी सहभागिता रहेगी।
यात्रा की शुरुआत सोमवार सुबह करीब 7 बजे अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुई। इसके बाद कांवड़ियों का जत्था अमरकंटक से कबीरधाम के लिए पैदल रवाना हुआ। श्रद्धालु छह दिनों तक पर्वतीय और दुर्गम रास्तों से होकर करीब 151 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। 16 अगस्त को भोरमदेव मंदिर पहुंचने पर भगवान भोलेनाथ का नर्मदा जल से जलाभिषेक किया जाएगा, जिसके साथ यात्रा का समापन होगा।
भावना बोहरा ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना के साथ अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि यात्रा में वनांचल क्षेत्र के बैगा युवाओं की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक विशेष बनाती है।