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Chhattisgarh News: कवर्धा में 149 स्कूल बसों की जांच, 22 अनफिट होने पर 61 हजार का चालान; GPM में 17 को नोटिस

Wed, 28 Jun 2023 03:55 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

स्कूली बसों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइड लाइन तय की है। इसमें 18 बिंदु हैं। इसमें स्कूल बस में छात्रा के होने पर महिला शिक्षक का होना विशेष रुप से अनिवार्य किया गया है। जांच में कई स्कूली बसें ऐसी भी थी, जिनमें अत्यंत जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स तक मौजूद नहीं था। 
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कबीरधाम में स्कूल बसों की जांच करते आरटीओ कर्मचारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में लगभग सभी निजी स्कूल 26 जून से खुल गए है। कई बड़े स्कूलों में बस की सुविधा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, आरटीओ स्कूल बसों की जांच कर रहे हैं। कबीरधाम में 149 स्कूल बसों की जांच की गई है। इनमें से 16 में खामियां मिली हैं। इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 22 अनफिट बसों के संचालकों पर 61 हजार रुपये से ज्यादा का चालान किया गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भी 17 वाहन मालिकों को नोटिस जारी हुआ है। 

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कबीरधाम में पीजी कॉलेज मैदान में बसों और उनके चालकों का टेस्ट किया गया। पूर्व में की गई चेकिंग में 50 बसें अनफिट मिली थीं। इनकी दोबारा जांच हुई है। कार्यालय रिकॉर्ड अनुसार 240 स्कूल बस जिले में पंजीकृत हैं। जिसमें से 185 बस में फिटनेस है। 33 स्कूल बस कंडम हालत में या 12 वर्ष से अधिक होना पाया गया। कुल 22 स्कूल बस में फिटनेस नहीं मिली। जांच के दौरान परमिट शर्तो के अनुसार कमियों पर 61 हजार 200 रुपए की चलानी कार्रवाई की गई। दो बस बिना परमिट के मिलने पर उन्हें जब्त किया गया है। 

वहीं दूसरी ओर जीपीएम जिले में स्कूल वाहन चालकों को दस्तावेज और नेत्र परीक्षण के लिए बुलाया गया था। तय तारीख में उपस्थित नहीं होने पर 17 स्कूल प्रबंधको को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें चार जुलाई मंगलवार को दोपहर 2 बजे तक जिला परिवहन कार्यालय, टिकरकला गौरेला में परीक्षण के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। अगर अब भी वे नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 23 जून को मिशन स्कूल ग्राउंड में 17 स्कूल बसों की जांच की गई। इनमें कई कमियां मिलीं। 
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सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन अनुसार जांच किया
स्कूली बसों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइड लाइन तय की है। इसमें 18 बिंदु हैं। इसमें स्कूल बस में छात्रा के होने पर महिला शिक्षक का होना विशेष रुप से अनिवार्य किया गया है। जांच में कई स्कूली बसें ऐसी भी थी, जिनमें अत्यंत जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स तक मौजूद नहीं था। इसके साथ ही कई बसों में स्पीड गवर्नर को भी नहीं लगाया गया था।  कई स्कूली बसें ऐसी भी थीं, जिनमें अग्निशमन यंत्र तक मौजूद नहीं था। इसके अलावा जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गर्वनर, प्रेर्शर हॉर्न, आपातकालीन खिड़की, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाइल नंबर, फर्स्ट ऐड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, स्कूल बस के आगे पीछे स्कूल बस लिखा है की नहीं ये सारी चीजें चेक की गई।

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